भागलपुर:
भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशीला पुल पर 5 जून से आवागमन हो सकेगा। बीआरओ की टीम क्षतिग्रस्त पुल को ठीक करने पर तेजी से काम कर रही है। क्षतिग्रस्त पुल के एक हिस्से पर बेली ब्रिज तैयार किया जा चुका है, जबकि दूसरे स्पैन पर भी बेली ब्रिज का ढांचा खड़ा कर लिया गया है। गौरतलब है कि नवगछिया की तरफ दूसरे टूटे हिस्से पर 12 मीटर लंबे स्पैन पर 18 मीटर लंबा बेली ब्रिज लॉन्च करने का काम शुरू किया जाएगा। भागलपुर की तरफ 24 मीटर वाले स्पैन पर तीसरा बेली ब्रिज लगाया जाएगा।

7 जून से पहले शुरू होगा आवागमन
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि यदि तय समय पर काम पूरा हो गया तो 7 जून से पहले ही पुल पर आवागमन शुरू किया जा सकता है। बीआरओ के इंजीनियर खासतौर पर बेली ब्रिज लॉन्च करने में लगे हैं ताकि मरम्मत के दौरान पुल की मूल संरचना को नुकसान नहीं पहुंचे। विक्रमशीला सेतु की मरम्मती का पूरा काम बीआरओ के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर बिपिन कुमार चंद की निगरानी में हो रहा है।

क्षतिग्रस्त पुल के 2 और स्पैन कमजोर मिले
गौरतलब है कि विक्रमशीला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के अलावा 2 और स्पैन कमजोर मिले हैं। सर्वे के दौरान बीआरओ, आईआईटी पटना और दूसरी तकनीकी टीमों ने पाया कि पुल के दोनों तरफ बॉटम कार्ड में खराबी आ गई है, जिसकी वजह से पुल कमजोर हुआ।
स्पैन लगाने में समय लगने से टेक्निकल समस्या
बताया जा रहा है कि स्पैन लगाने में समय लगने से टेक्निकल परेशानी भी आ रही है। इसी वजह से पथ निर्माण विभाग ने वहां अस्थायी तौर पर बेली ब्रिज लगाने का फैसला किया है। ऐसा इसलिए ताकि वहां जल्दी से आवाजाही बहाल की जा सके। फिलहाल इस ब्रिज पर गाड़ियां वन-वे ही चलेंगी। शुरुआत में केवल छोटे वाहनों को ही यहां से गुजरने की इजाजत मिलेगी।