द फॉलोअप डेस्क:
पटना के दानापुर स्थित रामजीचक राजकीय मध्य विद्यालय में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) और पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी स्कूल पहुंचे। उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ बातचीत की, उनकी बनाई पेंटिंग देखी और खुद भी रंगों से तस्वीर बनाते नजर आए। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश यादव और रामकृपाल यादव भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्कूल में बच्चों के साथ बैठकर बातचीत की। इस दौरान पढ़ाई और मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को सलाह दी कि अगर उन्हें पढ़ाई में आगे बढ़ना है, तो पढ़ाई के समय मोबाइल फोन से दूरी बनाकर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक और सही तरीके से करना चाहिए। बच्चों को फोन पर समय बिताने के बजाय पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की सलाह भी दी।
विद्यार्थी-अभिभावक-शिक्षक तीनों से सीधे संवाद!
— BJP Bihar (@BJP4Bihar) September 26, 2026
आज माननीय मुख्यमंत्री श्री @samrat4bjp जी ने राजकीय मध्य विद्यालय, रामजीचक, बाटागंज, दानापुर में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी-2026 में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के साथ क्लास रूम में बैठकर उनसे संवाद किया।… pic.twitter.com/LjkEkg2HJi
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बच्चों की पेंटिंग देखी, खुद भी आजमाए रंग
स्कूल में आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं की बनाई तस्वीरों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पेंटिंग के बारे में सवाल किए और उनकी रचनात्मकता को करीब से देखा। इस दौरान मुख्यमंत्री खुद भी पेंटिंग करते नजर आए। यह कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित किया गया था। बीजेपी बिहार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ कक्षा में बैठकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अगले साल से सभी सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की दिशा में संबंधित अधिकारियों को योजना तैयार करने का निर्देश दिया।

अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर लगातार नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन विषयों में बच्चे कमजोर हैं, वहां शिक्षक और अभिभावक मिलकर सुधार के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कक्षा 8 से 12 तक के समय को बच्चों की पढ़ाई की नींव मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने नियमित पढ़ाई और मेहनत को आगे बढ़ने के लिए जरूरी बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों से सुझाव भी मांगे। कार्यक्रम के जरिए बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद तथा स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।