बिहार
पूर्वांचल और बिहार में सालों से आतंक का पर्याय बना कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार देर रात हुई इस मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश लल्लन को पुलिस ने ढेर कर दिया। सात हत्याओं, बैंक डकैती और पुलिसकर्मियों पर हमलों सहित कई संगीन मामलों में वांछित लल्लन की मौत के साथ ही उसके खूनी सफर का अंत हो गया है।
सरसावा-नकुड़ मार्ग पर आधी रात को हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि के बीच सरसावा-नकुड़ मार्ग पर संदिग्ध अपराधियों की तलाश में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम का सामना बाइक सवार बदमाशों से हुआ। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें ललन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।
दो राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द था ललन सिंह
मुठभेड़ में गोली लगने के बाद ललन सिंह को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा ले जाया गया। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल सहारनपुर रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से ललन सिंह की पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के आनंदगोलवा गांव का रहने वाला ललन सिंह उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस के लिए लंबे समय से बड़ी चुनौती बना हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह अपने भाइयों और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर दोनों राज्यों में हत्या, डकैती, लूट और हथियारबंद हमलों जैसी कई बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका था।
दरोगा की हत्या और सरकारी पिस्टल लूटने के बाद आया था चर्चा में
ललन सिंह का नाम अपराध जगत में तब सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया, जब 8 नवंबर 2022 को वाराणसी में एक सब-इंस्पेक्टर की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उनकी सरकारी पिस्टल लूट ली गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात में ललन सिंह मुख्य आरोपी था। इसके अलावा, 1 नवंबर 2022 को चंदौली में हुई सनसनीखेज गोलीबारी और डकैती की घटना में भी वह वांछित चल रहा था।
7 हत्याओं और बैंक डकैती का था आरोप
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ललन सिंह और उसके गिरोह पर दो सब-इंस्पेक्टर, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड समेत कुल सात लोगों की हत्या के संगीन आरोप दर्ज हैं। वह कई सालों से कानून की आँखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
वाराणसी और चंदौली पुलिस ने रखा था 1.25 लाख का इनाम
ललन सिंह की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की विभिन्न एजेंसियां लगातार दबिश दे रही थीं। उसकी दहशत और अपराधों को देखते हुए वाराणसी पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जबकि चंदौली पुलिस ने भी उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा था। सहारनपुर पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान ललन सिंह का एक मुख्य साथी अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा। फरार बदमाश की तलाश में पुलिस की कई टीमें इलाके में लगातार छापेमारी और कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस का मानना है कि ललन सिंह के मारे जाने से कई पुराने अनसुलझे मामलों के खुलासे होंगे और उसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।