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शराबबंदी का उद्देश्य समाज सुधार था, लेकिन अवैध शराब का कारोबार और तस्करी बेधड़क जारी— रोहिणी आचार्या 

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द फॉलोअप,बिहार

राजद के सुप्रीमो लालू यादव के बेटी रोहिणी आचार्या ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया और लिखा कि शराबबंदी का उद्देश्य समाज सुधार था, लेकिन यदि अवैध शराब का कारोबार और तस्करी बेधड़क जारी है तो ऐसी नीति और कानून के औचित्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

 

शासन-प्रशासन के संरक्षण में बिहार के हर कोने में शराब 
दरअसल रोहिणी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पेपर कटिंग पोस्ट किया है। इसमें नाले की सफाई में ढेर सारे शराब के खाली बोतल निकाले गए हैं। रोहिणी ने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता और शासन-प्रशासन के संरक्षण में बिहार के हर कोने में शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर लागू प्रतिबंध किसी भी सरकार की सफलता नहीं माना जा सकता। रोहिणी ने लिखा कि शराबबंदी तभी सफल मानी जाएगी जब अवैध शराब के कारोबार और तस्करी पर पूरी तरह प्रभावी रोक लगे।

सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए
अपने पोस्ट में रोहिणी ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद यदि शराब की बिक्री और तस्करी जारी है तो सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए कि समस्या कानून में है या उसके क्रियान्वयन में। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून या नीति की सफलता का पैमाना केवल उसे लागू करना नहीं होता, बल्कि उसके वास्तविक परिणाम होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार से शराबबंदी के प्रभावी क्रियान्वयन पर जवाब मांगा।

Tags - Rohini Acharya statement Bihar liquor ban Bihar prohibition law