द फॉलोअप,बिहार
राजद के सुप्रीमो लालू यादव के बेटी रोहिणी आचार्या ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया और लिखा कि शराबबंदी का उद्देश्य समाज सुधार था, लेकिन यदि अवैध शराब का कारोबार और तस्करी बेधड़क जारी है तो ऐसी नीति और कानून के औचित्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
दिखावे की शराबबंदी का मतलब क्या है ?
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) June 20, 2026
शराबबंदी के कानून का उद्देश्य समाज सुधार था, लेकिन यदि अवैध शराब का कारोबार, उसकी तस्करी धड़ल्ले से बेरोकटोक जारी रहे तो ऐसे कानून , ऐसी नीति के औचित्य पर सवाल उठना - उठाना लाजिमी है ।
जब सत्ता एवं शासन - प्रशासन के संरक्षण में बिहार के हरेक… pic.twitter.com/Dj7GO7r2NX
शासन-प्रशासन के संरक्षण में बिहार के हर कोने में शराब
दरअसल रोहिणी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पेपर कटिंग पोस्ट किया है। इसमें नाले की सफाई में ढेर सारे शराब के खाली बोतल निकाले गए हैं। रोहिणी ने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता और शासन-प्रशासन के संरक्षण में बिहार के हर कोने में शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर लागू प्रतिबंध किसी भी सरकार की सफलता नहीं माना जा सकता। रोहिणी ने लिखा कि शराबबंदी तभी सफल मानी जाएगी जब अवैध शराब के कारोबार और तस्करी पर पूरी तरह प्रभावी रोक लगे।

सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए
अपने पोस्ट में रोहिणी ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद यदि शराब की बिक्री और तस्करी जारी है तो सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए कि समस्या कानून में है या उसके क्रियान्वयन में। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून या नीति की सफलता का पैमाना केवल उसे लागू करना नहीं होता, बल्कि उसके वास्तविक परिणाम होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार से शराबबंदी के प्रभावी क्रियान्वयन पर जवाब मांगा।