द फॉलोअप,बिहार
राजद की नेत्री ‘मुखिया दीदी’ रितु जायसवाल आज मंगलवार को भाजपा की दामन थाम ली हैं। राजद सुप्रीमो लालू यादव और तेजस्वी यादव को मुखिया दीदी के इस फैसले से बड़ा झटका लगा है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में टिकट कटने के बाद नेतृत्व से नाराज थीं रितु जायसवाल। आज 26 मई को पटना स्थित भाजपा कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सदस्यता ले ली हैं।

प्रधानमंत्री से हुई प्रेरित
दरअसल इसकी जानकारी रितु जायसवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए दिया। अपने पोस्ट में उन्होंने देश की वर्तमान परिस्थितियों औऱ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अपील को भी लेकर जिक्र किया। रितु ने लिखा कि देश में ऊर्जा और ईंधन बचत पर जोर देने की जरुरत है। इसलिए उन्होंने अपने समर्थकों से भी अपील की कि वे अनावश्यक भीड़ औऱ लंबे काफिलों से बचें। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक परिवहन या शेयरिंग वाहन के इस्तेमाल करें। राजनीतिक विशेषज्ञों ने इसे राजद के लिए बड़ा झटका माना है। उनका मानना है कि रितु मिथिलांचल की सक्रिय और प्रभावशाली महिला नेताओं में से एक हैं।

रितु जायसवाल का राजनीतिक सफर
रितु जायसवाल ने अपना राजनीतिक सफर JDU से शुरु किया और बाद में वह RJD में शामिल हो गई, जहां उन्हें महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता जैसी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्ष 2021 से 2023 तक वह राजद की प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहीं। इसके अलावा वह टीवी डिबेट्स में भी मुखर होकर पार्टी का पक्ष रखती थीं। उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद ने उन्हें शिवहर सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने जदयू की लवली आनंद को कड़ी टक्कर दी। रितु करीब 4.47 लाख वोट हासिल करने में सफल रहीं, हालांकि करीब 29 हजार वोटों से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, रितु जायसवाल औऱ राजद के बीच दूरी की सबसे बड़ी वजह 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से टिकट न मिलना माना जा रहा है। पार्टी द्वारा परिहार सीट से वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बनाया गया, जिससे नाराज होकर रितु निर्दलीय चुनाव लड़ी थीं और उन्होंने करीब 64 हजार वोट हासिल किए थे।