रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे परियोजना:
बिहार के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। इस परियोजना को 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसकी लंबाई करीब 719 किलोमीटर होगी। इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से राज्य के कई जिलों को जाम से राहत मिलेगी। साथ ही बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
परियोजना के तहत बेगूसराय में गंगा नदी पर एक बड़ा पुल बनाया जाएगा। इससे शाम्हो दियारा सहित आसपास के क्षेत्रों की जिला मुख्यालय और प्रमुख मार्गों से सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित पुल और एप्रोच रोड के दायरे में आने वाली सरकारी और निजी जमीन का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। एक्सप्रेसवे बेगूसराय में एनएच-31 को पार करते हुए गंगा और क्यूल नदी पर बनने वाले लंबे पुल के जरिए सूर्यगढ़ा-मुंगेर मार्ग (एनएच-80) से जुड़ेगा। साथ ही शाम्हो दियारा और मटिहानी क्षेत्र के लिए अलग एप्रोच रोड का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही और व्यापार को नई गति मिलेगी।

एक्सप्रेसवे को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना विस्तार के लिए परियोजना रिपोर्ट डीपीआर को मंजूरी दे दिया है। इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य की जटिलताओं के कारण समयसीमा में बदलाव किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि अगर ये परियोजना पूरी होती है तो बिहार के कई जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके साथ ही राज्य के परिवहन नेटवर्क को बड़ी मजबूती मिलेगी।