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प्रशांत किशोर पहुंचे बंटी यादव के परिवार से मिलने धरना स्थल, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

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Bunty Yadav Murdered:
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को धरना स्थल पर पहुंचकर बंटी यादव के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पटना में कथित सेक्स रैकेट और देह व्यापार के खिलाफ आवाज उठाने वाले बंटी यादव की हत्या मामले में बिहार पुलिस और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। कहा कि जिस तरह बंटी का अपहरण हुआ और बाद में उसका शव पटना के बाहरी इलाके से बरामद किया गया, उससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

क्या था पूरा मामला?
बंटी यादव के अपहरण की घटना 6 जुलाई की रात पटना जंक्शन के पास न्यू करबिगहिया इलाके में हुई थी। परिजनों के अनुसार, बंटी इलाके में चल रहे कथित सेक्स रैकेट और देह व्यापार का विरोध करता था, जिसके कारण उन्हें पहले भी धमकियां मिली थीं। परिवार का आरोप है कि इसी विरोध के चलते उन्हें निशाना बनाया गया। अपहरण के करीब पांच दिन बाद 11 जुलाई को बंटी का शव पटना जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र से बरामद हुआ। शव की स्थिति खराब होने के कारण पहचान करना मुश्किल था, लेकिन परिजनों ने कपड़ों और हाथ में मौजूद कड़े के आधार पर उनकी पहचान की। मामले की जांच के दौरान पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंटी का अपहरण जिस जगह से हुआ, वहां से कुछ दूरी पर डायल-112 की टीम मौजूद थी। आरोप है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद कथित लापरवाही के आरोप में तीन ASI और एक होमगार्ड को निलंबित किया गया। पुलिस फिलहाल हत्या और अपहरण के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

आज सुबह पुलिस मुठभेड़ 
इधर, बंटी यादव हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी रवीश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। आज सुबह पटना के बांस घाट इलाके में पुलिस और रवीश के बीच मुठभेड़ की सूचना सामने आई। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में रवीश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए PMCH में भर्ती कराया गया। पुलिस ने रवीश को बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड बताया है।

बंटी यादव की हत्या के बाद उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। प्रशांत किशोर के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर पुलिस इस घटना को अवैध शराब कारोबार से जुड़े विवाद का नतीजा बता रही है, वहीं बंटी यादव के परिवार और उनके समर्थकों का दावा है कि उनकी हत्या अपराध और कथित सेक्स रैकेट के विरोध के कारण की गई। अब ऐसे में सभी की नजर इस मामले की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

Tags - Bunty Yadav Murder Case Prashant Kishor