पटना/बिहार
पटना के पीएमसीएच में मंगलवार को नर्सों ने अपने कार्यों का बहिस्कार करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया, इससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई। आरोप है कि एक नर्स के पति के इलाज में डॉक्टर के लापरवाही के कारण उनकी मौत हो गई। साथ ही कथित रुप से जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। अस्पताल में नर्स और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

क्या है पूरा मामला?
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी नर्सों और परिजनों को समझाने की कोशिश की। नर्सों ने अधीक्षक के सामने मांग रखी की डॉक्टर पर कार्रवाई की जाए। खबर लिखे जाने तक नर्सें अपनी मांगों के साथ अनशन पर बैठी हुई है। दरअसल मामला सीनियर स्टाफ नर्स जो पिछले 20 वर्षों से इसी अस्पताल में काम कर रही हैं, लक्ष्मी कुमारी के 55 वर्षीय पति अरविंद कुमार सिंह की इलाज के दौरान मौत से जुड़ा हुआ है। लक्ष्मी का कहना है उनके पति को 2 जुलाई को मेडिकल आईसीयू में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे शिवम कुमार ने बताया कि उनके पिता को दमा था। अस्पताल में इलाज चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही और दवा के रिएक्शन के कारण उनके पिता की हालत बिगड़ी। ऑक्सीजन लेबल लगातार नीचे गिर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार डॉक्टरों से मरीज को देखने के लिए आग्रह किया गया, लेकिन बावजूद डॉक्टरों ने समय पर ध्यान नहीं दिया।

25 से 30 जूनियर डॉक्टरों ने मारा
शिवम कुमार ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने लापरवाही को छिपाने के लिए जबरन बाहर निकाल दिया। उसके बाद शिवम द्वारा लापरवाही का वीडियो बनाने पर 25 से 30 जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें और उनके भाई को एक कमरे में बंद कर पीटा। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी मां के साथ भी मारपीट की गई। इसी घटना के विरोध में अस्पताल की सभी नर्सें आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग कर रही है। साथ ही निष्पक्ष जांच और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग कर रही हैं।