पटना/बिहार
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार को कथित सेक्स रैकेट का विरोध करने वाले बंटी यादव के हत्याकांड के बाद उसके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार में कानून व्यवस्था और कथित अवैध गतिविधियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में सेक्स रैकेट का धंधा तीन प्रमुख लोगों के इशारे पर चलता है- थाना, नेता, पदाधिकारी और माफिया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद होटल कारोबार के जरिए होने वाली कई गतिविधियों पर असर पड़ा, जिसके बाद राज्य के कई हिस्सों में होटल, सैलून और पार्लर की आड़ में इस तरह के अवैध धंधे चलने लगे हैं।

पुलिस की जानकारी में खुले तौर पर संचालित
सांसद ने कई जिलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कई जगहों पर यह काम पुलिस की जानकारी में खुले तौर पर संचालित हो रहा है। सांसद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपील करते हुए कहा कि सरकार को संकल्प लेना चाहिए कि राज्य की बच्चियों को ऐसे धंधों में जाने से रोका जाए। उन्होंने भागलपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई बार थाने में सूचना देने के बावजूद आरोपियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती। पप्पू यादव ने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई मामलों में घटना के कई दिनों बाद पुलिस सक्रिय होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के नाम पर केवल छोटे स्तर के कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जाती है, जबकि बड़े अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश होती है।

क्या है पूरा मामला?
स्थानीय लोगों के अनुसार, बंटी लगातार उक्त इलाके में चल रहे अवैध सेक्स रैकेट का विरोध लंबे समय से कर रहा था। इसी मामले में बंटी को 6 जुलाई की रात करीब 8 से 10 बदमाशों ने पटना जंक्शन इलाके से अपहरण किया था, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। करीब पांच दिन बाद उसका शव अथमलगोला क्षेत्र से बरामद हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के समय गश्ती दल में शामिल पुलिसकर्मी घटनास्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर मौजूद थे, लेकिन उन्हें घटना की जानकारी नहीं मिली और न ही तत्काल कार्रवाई की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने बंटी के अपहरण होने के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पहुंचे, लेकिन थाना में मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा बोला गया कि तुमलोग खुद ही ढूंढो। करीब पांच दिन बाद जब उसका शव मिला तो पुलिस ने कार्रवाई शुरु की। अब इस मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात तीन एएसआई और एक होम गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पटना सेंट्रल की एसपी ममता कल्याणी ने विभागीय जांच में ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह कदम उठाया। निलंबित पुलिसकर्मियों में एएसआई प्रवीण कुमार पंकज, एएसआई अवधेश कुमार, एएसआई वीर बहादुर सिंह और होम गार्ड सुदर्शन प्रसाद शामिल हैं। सभी को नवीन आरक्षी पुलिस केंद्र, पटना में मुख्यालय निर्धारित किया गया है और तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के अनुसार, फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।