द फॉलोअप डेस्क:
नेपाल के तराई, पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब उत्तर बिहार की नदियों पर दिखने लगा है। गंडक, कोसी और बागमती के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, नेपाल में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन से नारायणगढ़-मुगलिन हाईवे पर परिचालन बंद कर दिया गया है, जिससे भारत-नेपाल के बीच आवाजाही प्रभावित हुई है।
वाल्मीकिनगर बराज से 2.67 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज
नेपाल में लगातार बारिश के कारण वाल्मीकिनगर गंडक बराज से पानी का डिस्चार्ज तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को छह घंटे के भीतर डिस्चार्ज 57 हजार क्यूसेक से बढ़कर खबर लिखे जाने तक 2.67 लाख क्यूसेक पहुंच गया। वहीं, नेपाल के देवघाट से भी 2.76 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ है। पिछले 24 घंटे से बढ़ते जल दबाव को देखते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संभावित बाढ़ को देखते हुए निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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कोसी का जलस्तर 2026 में अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर
भीमनगर कोसी बराज पर भी पानी का दबाव बढ़ गया है। शुक्रवार शाम छह बजे यहां डिस्चार्ज 2,70,740 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे अधिक है। मधुबनी जिले के मधेपुर प्रखंड में भी कोसी की धाराओं में पानी बढ़ रहा है। गढ़गांव, बसीपट्टी के पूर्वी भाग, भरगामा और बकुआ पंचायतों की मुख्य धाराएं प्रभावित हुई हैं। वहीं, मोतिहारी के डुमरियाघाट और चनपटिया में गंडक का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है। सीतामढ़ी के सोनाखान में बागमती नदी खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे आसपास के इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
नेपाल में भूस्खलन से नारायणगढ़-मुगलिन हाईवे बंद
नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण चितवन जिले में भी स्थिति बिगड़ गई है। नारायणगढ़-मुगलिन राजमार्ग पर कई जगह भूस्खलन हुआ है। पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए चितवन जिला प्रशासन ने शुक्रवार को इस मार्ग पर परिचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया। हाईवे बंद होने से भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है। भारतीय पर्यटकों समेत आम नागरिकों का चितवन की ओर जाना रुक गया है। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में यात्रियों और वाहनों के फंसे होने की आशंका है।

गंडक के तटीय इलाकों में प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर भारतीय सीमा से सटे इलाकों में भी दिख रहा है। गंडक का जलस्तर बढ़ने से तटीय और निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। साथ ही, जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम से जुड़ी जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।