भोजपुर/बिहार
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने विरोध करने वालों की तीखी कटाक्ष की है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान भरत तिवारी के आपराधिक रिकॉर्ड और अवैध हथियार के स्त्रोत की जांच करने की मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने यह भई कहा कि दलितों का एनकाउंटर होता है तो कहा जाता है ‘नक्सली था मारा गया’, मुसलमान का एनकाउंटर होता है तो कहा जाता है ‘आतंकवादी था मारा गया’। मंत्री ने कहा कि ऐसा कहने वाले लोग ही भरत तिवारी के एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं।
दलितों का एंकाउंटर हो तो “नक्सली था मारा गया”,
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) June 23, 2026
मुसलमान का एंकाउंटर हो तो “आतंकवादी था मारा गया”,
ऐसा कहने वाले लोग ही भरत तिवारी के एंकाउंटर पर सवाल उठा रहें हैं…
पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहाँ से आया?
किन लोगों के शह पर इस आपराधिक वारदात पर… pic.twitter.com/h7iSkPFs68
देश संविधान और कानून से चलेगा, अवैध पिस्टल की नोंक से नहीं
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश संविधान और कानून से चलेगा, अवैध पिस्टल की नोंक से नहीं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहां से आई? उन्होंने यह भी कहा कि किन लोगों के शह पर इस आपराधिक वारदात पर राजनीति हो रही है? देश संविधान से चलेगा या फिर अवैध पिस्टल की नोक से? इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवादी मानसिकता के लोग ही भरत तिवारी के एनकाउंटर का विरोध कर रहें हैं। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी अपराधिक मामले को लेकर इसकी गिरफ्तारी हो चुकी थी। यह समझना होगा कि आखिर कुछ लोग इस मामले को लेकर इतना शोर क्यों मचा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर पोस्ट किया शेर
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मांझी ने एक शेर भी साझा किया है। उन्होंने लिखा-
“लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार तुम्हारा है,
तुम झूठ को सच लिख दो, अखबार तुम्हारा है।”
दरअसल इस शेर के माध्यम से उन्होंने अपने विरोधियों और मामले को लेकर चल रही बहस पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है। फिलहाल भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी है। उधर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या आता है?