पटना/बिहार
JDU प्रदेश कार्यालय के बाहर बुधवार को छोटू सिंह के समर्थकों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जदयू से 6 साल के लिए निष्कासित अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह की तस्वीर अपने हाथों में लेकर उनके समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए। छोटू सिंह को वापस लाओ के नारों के साथ समर्थकों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दोबारा संगठन में छोटू सिंह को शामिल करने की मांग की। समर्थकों ने इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उनकी बात ध्यान से सुनी और आश्वासन दिया कि इस पर वो विचार करेंगे।
जदयू कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं का हंगामा
— Sadan Singh Rajput (@SadanJee) July 15, 2026
छोटू सिंह को वापस लाने की कर रहे हैं मांग, पिछले दिनों छोटू सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों को देखते हुए 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था।
छोटू सिंह की तस्वीर ले कर कर रहे प्रदर्शन pic.twitter.com/EGyuu28SeE
क्या है पूरा मामला?
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया। दरअसल विवाद की शुरुआत 8 जुलाई को हुई, जब जदयू ने 124 सदस्यीय नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की और छोटू सिंह को उसमें जगह नहीं मिली। इसके बाद 10 जुलाई को एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के सामने नई टीम को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताते दिखाई दिए। पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की। इसके साथ ही मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने उन्हें बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव पद से भी हटा दिया।

अनंत सिंह ने क्या कहा?
कार्रवाई के बाद छोटू सिंह के समर्थकों ने पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात कर फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। समर्थकों का कहना है कि लंबे समय से पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता के साथ इतनी कठोर कार्रवाई से संगठन में गलत संदेश जाएगा। वहीं, मोकामा विधायक अनंत सिंह ने भी इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहली गलती पर माफी का अवसर मिलना चाहिए था। अब नीतीश कुमार द्वारा मामले पर विचार करने के आश्वासन के बाद सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जदयू नेतृत्व छोटू सिंह के निष्कासन के फैसले पर पुनर्विचार करता है या नहीं।