द फॉलोअप डेस्क
मुजफ्फरपुर जिला स्थित ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के पमरिया टोला में एक पूजा पंडाल से 5 वर्षीय खुशी का अपहरण 16 फरवरी 2021 को किया गया था। इसकी जानकारी बच्ची के पिता ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ पुलिस को दी थी। वहीं, प्रारंभिक जांच में पुलिस ने अमन कुमार नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। हालांकि बाद में दिसंबर 2022 से मामले की जांच CBI कर रही है। बच्ची के पिता राजन साह ने CBI पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि जांच अधिकारी द्वारा पटना हाईकोर्ट में लंबित क्रिमिनल रिट व अवमानना वाद को वापस लेने के लिए मुझपर दबाव बनाया जा रहा है।

उनका कहना है कि CBI अधिकारियों द्वारा उनको धमकी दिया जा रहा है कि केस वापस ले लो नहीं तो गलत चार्जशीट दायर कर तुम्हारे पूरे परिवार को फंसा देंगे। जानकारी के मुताबिक, बच्ची के पिता ने सीबीआइ के संयुक्त निदेशक को पत्र भेजकर संबंधित जांच अधिकारियों पर केस वापसी की धमकी देने और परिवार को फंसाने का आरोप लगाया है साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
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बताते चलें कि पटना हाईकोर्ट में लंबित मामले की 12 फरवरी को सुनवाई हुई थी, जिसमें कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर सीबीआई से रिपोर्ट मांगी। वहीं, इसकी जानकारी मिलते ही जांच अधिकारियों ने बच्ची के पिता के मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप कॉल कर कथित तौर पर अपमानित किया और दोबारा धमकी दी। बहरहाल, उन्होंने आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद फिर से अधिकारियों का मैसेज आया कि इसका खामियाजा तुम्हें भुगतना पड़ेगा और जेल जाने से कोई नहीं बचा पाएगा।