
आरपीएफ को पहले से सूचना मिली थी कि तेजस राजधानी एक्सप्रेस के एसी-2 टियर में सफर कर रही एक युवती अपने साथ बड़ी मात्रा में गांजा लेकर जा रही है। सूचना मिलते ही आरपीएफ, सीआईबी और जीआरपी की संयुक्त टीम ने गया जंक्शन पर ट्रेन की निगरानी शुरू कर दी।
ट्रेन के एसी-2 टियर कोच में संदिग्ध गतिविधियां मिलने के बाद टीम ने युवती की तलाशी ली। इस दौरान उसके पास मौजूद बैग से 15 किलो 800 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा जब्त करने के साथ ही युवती को गिरफ्तार कर लिया।
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रेल पुलिस के अनुसार, बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब सात लाख रुपये है। गिरफ्तारी के बाद गया रेल पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवती गांजा कहां से लेकर चली थी और इसे नई दिल्ली में किसे पहुंचाया जाना था।
गया जंक्शन स्थित आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने बताया कि 14 सितंबर 2026 की रात गुप्त सूचना के आधार पर भुवनेश्वर तेजस राजधानी एक्सप्रेस के एसी-2 टियर कोच में कार्रवाई की गई। इसी दौरान महिला को 15 किलो 800 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

इस मामले ने एक बार फिर मादक पदार्थों और अवैध सामान की तस्करी में महिलाओं के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले भी बिहार के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर महिलाओं और युवतियों के जरिए शराब की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। समस्तीपुर में एसी फर्स्ट क्लास से करीब 75 लीटर विदेशी शराब के साथ एक युवती और उसके जीजा को पकड़ा गया था। वहीं पटना जंक्शन पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा को शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में छात्रा ने कथित तौर पर पैसे के लालच में बनारस से शराब लाने की बात कही थी।
अब गया जंक्शन पर युवती के पास से इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद पुलिस की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कहीं महिलाओं और युवतियों को तस्करी के बड़े नेटवर्क में सिर्फ डिलीवरी के लिए तो इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले के पीछे कौन लोग हैं और गांजे की सप्लाई का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।