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हड़ताली CO और राजस्व अधिकारियों पर ऐक्शन की तैयारी, जिलों से मांगी गई अफसरों की रिपोर्ट 

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पटना
बिहार में अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व सेवा के अधिकारियों की हड़ताल को लेकर सरकार और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। हड़ताली अधिकारियों को मनाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद अब सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर हड़ताल पर गए अंचलाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हड़ताल के तीसरे दिन बुधवार को भी बड़ी संख्या में अधिकारी काम पर नहीं लौटे। इसके कारण राज्य के आधे से अधिक अंचल कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे से लेकर विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र जारी करने तक कई जरूरी सेवाएं ठप हो गई हैं।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के निर्देश के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाने का फैसला लिया है। विभाग ने जिलों से हड़ताल से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व सेवा संवर्ग के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों की उपस्थिति का ब्योरा जिलों से मांगा है। इसके लिए भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, भू-अर्जन निदेशालय और चकबंदी निदेशालय के निदेशकों के साथ-साथ सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिला समाहर्ताओं को पत्र भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि बिहार राजस्व सेवा के अधिकारी 9 मार्च से हड़ताल पर हैं, जिसके कारण कई अंचल कार्यालयों में कामकाज ठप हो गया है। विभाग ने जिलों से यह भी जानकारी मांगी है कि कितने अधिकारी हड़ताल में शामिल हैं और कितने अपने कार्यस्थल पर मौजूद रहकर काम कर रहे हैं। यह जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भेजने को कहा गया है।
बताया जा रहा है कि राजस्व अधिकारियों का आंदोलन इससे पहले भी हो चुका है। दो फरवरी को भी अधिकारियों ने हड़ताल की थी, जिसे बाद में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा से बातचीत के बाद वापस ले लिया गया था। हालांकि अब 9 मार्च से एक बार फिर हड़ताल शुरू कर दी गई है। विभाग ने दोनों चरणों की हड़ताल के दौरान अधिकारियों की उपस्थिति का पूरा ब्यौरा मांगा है।


अधिकारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। अंचल कार्यालयों में जमीन से जुड़े कई अहम काम जैसे दाखिल-खारिज, जमीन विवाद से संबंधित प्रक्रिया, भू-अभिलेख सुधार और म्यूटेशन जैसे कार्य प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा जाति, आय और निवास प्रमाणपत्रों के निर्गमन का काम भी कई जगहों पर बाधित हो गया है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने संकेत दिया है कि जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। विभाग का कहना है कि अंचल कार्यालयों के संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, हड़ताल में शामिल पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।


 

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