द फॉलोअप डेस्क:
कर्मा-धर्मा का पर्व भाई-बहन के रिश्ते, प्रेम और एक-दूसरे की लंबी उम्र की कामना से जुड़ा है, लेकिन दानापुर में इसी दिन इस रिश्ते को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। मंगलवार रात मिथिला कॉलोनी मोड़ पर एक सिपाही ने अपनी शादीशुदा सगी बहन को सर्विस पिस्टल से गोली मार दी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र के मरथुआ निवासी 30 वर्षीय ओमचंद और उसकी 21 वर्षीय बहन गायत्री देवी के रूप में हुई है। ओमचंद मोतिहारी में सिपाही के पद पर तैनात था और पिता की मौत के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। घटना के वक्त घर में दोनों ही मौजूद थे।
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दरवाजा तोड़कर घर में पहुंची पुलिस
गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सिटी एसपी पश्चिमी संकेत कुमार, एएसपी अजीत कुमार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे तोड़कर पुलिस और परिजन तीसरी मंजिल पर पहुंचे, जहां दोनों के शव एक ही बेड पर मिले। पुलिस ने मौके से सिपाही की पिस्टल, 33 गोलियां और दो खोखे बरामद किए हैं। एसएफएल टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रथमदृष्टया पारिवारिक परेशानी को घटना की वजह मान रही है।

मानसिक परेशानी से जूझ रही थी गायत्री
परिजनों के मुताबिक गायत्री की शादी 2024 में बक्सर के गायघाट में हुई थी, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी के कारण पति ने उसे छोड़ दिया था। इसके बाद वह अपने भाई के साथ रह रही थी और पिछले तीन महीने से मुजफ्फरपुर में उसका इलाज चल रहा था। परिवार के अनुसार गायत्री आसपास की दुकानों से सामान उधार लेती थी और भुगतान नहीं कर पाती थी, जिसके चलते दुकानदार उसके भाई ओमचंद से पैसे मांगने पहुंचते थे। ओमचंद उसे उधार सामान नहीं लेने के लिए समझाता था और इस वजह से परेशान रहता था। घटना से दो दिन पहले ही वह छुट्टी लेकर घर आया था और नवंबर में उसकी शादी होने वाली थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।