पटना
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उम्र को लेकर अब सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने उन पर उम्र को लेकर झूठ बोलने और शपथ पत्र में गलत जानकारी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सम्राट चौधरी की उम्र का गणित किसी “जादू या आशीर्वाद” से कम नहीं लगता।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “2000 में परबत्ता सीट से हुए चुनाव को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था क्योंकि सम्राट चौधरी ने उस वक्त अपनी उम्र को लेकर झूठा हलफनामा दिया था। कोर्ट ने पाया था कि जब उन्होंने नामांकन दाखिल किया, तब वे 25 वर्ष के नहीं थे। उस समय उनके शपथ पत्र में जन्म वर्ष 1981 बताया गया था, जिसके अनुसार आज उनकी उम्र 44 साल होनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन अब उन्होंने अपने हालिया शपथ पत्र में जन्म वर्ष 1968 बताया है और खुद को 56 साल का बताया है। जब 1995 की हत्या का मामला हुआ, तब उन्होंने कहा था कि वे नाबालिग थे और उस समय 15 साल के थे। तो अब सवाल यह है कि आखिर सम्राट चौधरी की असली उम्र क्या है? कभी 15, कभी 44 और कभी 56!”
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि झूठा हलफनामा देना न केवल अपराध है, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 173 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन भी है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग की और कहा कि “यह देखना दिलचस्प होगा कि आयोग अब क्या कदम उठाता है।”
