बिहार
नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के रुप में शपथ ले लिए हैं। उधर नीतीश कुमार के करीबी मंत्री हरिवंश नारायण सिंह भी राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए हैं। नीतीश कुमार ने आज 10 अप्रैल को संसद भवन दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रुप में शपथ ले ली है। इस मौके पर एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। अब लगभग साफ हो गया है कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर नहीं बने रहेंगे। दूसरी ओर, हरिवंश नारायण सिंह को राष्ट्रपति दौपद्री मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है।

दिल्ली की भूमिका और बिहार की बदलती राजनीति
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले को बिहार की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में पार्टी नेताओं द्वारा उन्हें मीडिया से दूर रखने की भी कोशिश की गई। बिहार के ही एक वरिष्ठ पत्रकार पुष्य मित्र नीतीश कुमार के दिल्ली जाने और राज्य में नए मुख्यमंत्री तय होने पर कहते हैं कि, एक बार फिर बिहार की सत्ता के फैसले दिल्ली में तय होने लगे हैं, जो 1990 में बिहार की मतदाताओं ने यह हक हासिल किया था कि उसके सीएम का नाम बिहार में ही तय होगा, मगर यह 2026 में अब छिनता हुआ दिख रहा है।

उत्तराधिकारी की खोज और निशांत पर नजरें
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इसी बीच निशांत कुमार का नाम तेजी से उभर कर सामने आ रहा है। हालांकि, वे पहले राजनीति में आने को लेकर अनिच्छा जता चुके हैं, लेकिन अब उन्हें पार्टी में अहम जिम्मेदारी दिए जाने और संभावित रूप से डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।