बिहार
बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की निगरानी अब तकनीक के जरिए और सख्त होने जा रही है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जल्द ही शिक्षकों की उपस्थिति और गतिविधियों पर AI आधारित सिस्टम से नजर रखी जाएगी। स्कूल अवधि के दौरान बिना अनुमति परिसर से बाहर जाने पर शिक्षकों की हाजिरी कटेगी। शिक्षा मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का हैरान करने वाला फरमान सुनिए...<br><br>शौच के लिए भी स्कूल से बाहर गए तो हाजिरी से उड़ जाइएगा... AI मॉनिटरिंग कराने जा रहे हैं... <br><br>स्कूल की बाउंड्री से शौच के लिए भी बाहर गए तो आधा दिन की हाजिरी गई.. <a href="https://t.co/VKC7CQN8SA">pic.twitter.com/VKC7CQN8SA</a></p>— Romita Tiwari (@romita_tiwari) <a href="https://x.com/romita_tiwari/status/2068220013539107003?ref_src=twsrc%5Etfw">June 20, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
स्कूल समय में लंबे समय तक बाहर रहे तो कटेगी हाजिरी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि कोई शिक्षक स्कूल समय में निर्धारित सीमा से बाहर जाता है तो AI सिस्टम इसे रिकॉर्ड करेगा। उन्होंने बताया कि यदि कोई शिक्षक स्कूल समय में बाहर शौच के लिए जाता है और आधे घंटे के बाद आता है तो आधे दिन की हाजिरी कट जाएगी और अगर एक घंटे तक स्कूल से बाहर रहता है तो उसकी पूरे दिन की उपस्थिति प्रभावित हो सकती है। साथ ही उन्होंने शिक्षकों से पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने की अपील भी की और कहा कि बिहार के बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथों में है। इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

AI तकनीक से शिक्षा व्यवस्था में सुधार
मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग स्कूलों में AI तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दे रहा है ताकि जवाबदेही बढ़े और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों को राहत देते हुए बताया कि एसीपी, वेतन विसंगति, प्रोन्नति और अन्य लंबित मामलों के समाधान के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। विभाग का लक्ष्य 20 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा करना है। साथ ही तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।