द फॉलोअप डेस्क:
बिहार के शिक्षाकर्मियों के लिए 20 सितंबर का दिन खास होने वाला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से वेतनमान देने की घोषणा के बाद वित्तरहित शिक्षाकर्मी पटना में उनका अभिनंदन करेंगे। इसके लिए पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में अभिनंदन एवं आभार सभा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का नेतृत्व विधान पार्षद प्रो. नवल किशोर यादव करेंगे। इसमें सारण समेत बिहार के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मियों के पहुंचने की संभावना है। ये जानकारी ‘अनुदान नहीं वेतनमान फोरम’ के प्रदेश प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी प्रो. अरविंद कुमार गिरि ने दी। उन्होंने बताया कि शिक्षक दिवस के मौके पर 5 सितंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वित्तरहित माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और संबद्ध डिग्री कॉलेजों के कर्मियों को वेतनमान देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद लंबे समय से वेतनमान की मांग कर रहे शिक्षाकर्मियों में उम्मीद जगी है। फोरम ने इसे वर्षों से चली आ रही मांग की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है।

44 साल से वेतनमान की मांग
फोरम के मुताबिक, वित्तरहित शिक्षाकर्मी पिछले 44 वर्षों से वेतनमान और सम्मानजनक सेवा व्यवस्था की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस मांग को लेकर पिछले साल पटना में शिक्षाकर्मियों ने 23 दिनों तक आंदोलन और भूख हड़ताल भी की थी। शिक्षाकर्मियों का कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद मुख्यमंत्री की घोषणा से उन्हें अब अपनी मांग पूरी होने की उम्मीद दिखाई दे रही है।
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2025 में बनी थी नौ सदस्यीय समिति
प्रो. गिरि के अनुसार, मुख्यमंत्री की पहल पर वर्ष 2025 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति में शिक्षाकर्मियों की मांगों और उनकी सेवा व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर विचार किया गया। वहीं, 17 जुलाई 2026 को फोरम के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की थी। इस दौरान वेतनमान, शिक्षण संस्थानों के अधिग्रहण समेत कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। फोरम को उम्मीद है कि जल्द ही इस संबंध में मंत्रिमंडल से फैसला पारित होगा और शिक्षाकर्मियों के लिए वेतनमान लागू किया जाएगा। हालांकि, फोरम की ओर से केवल वेतनमान ही नहीं, बल्कि कई अन्य मांगें भी सरकार के सामने रखी गई हैं।इनमें समकक्ष राज्यकर्मियों के अनुरूप वेतन संरचना, नियमित मासिक वेतन और सरकारी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षाकर्मियों के आश्रितों को पेंशन और आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है। फोरम ने शिक्षण संस्थानों की मान्यता बहाल करने और जरूरत के अनुसार उनके अधिग्रहण की मांग भी उठाई है।

20 सितंबर की सभा पर सबकी नजर
अब 20 सितंबर को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में होने वाली सभा को लेकर शिक्षाकर्मियों में उत्साह है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की घोषणा के लिए आभार जताने के साथ-साथ वेतनमान और दूसरी लंबित मांगों को जल्द लागू करने की अपेक्षा भी सरकार के सामने रखी जाएगी। यानी, 44 साल से वेतनमान की राह देख रहे शिक्षाकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है। अब उनकी नजर सरकार के अगले आधिकारिक फैसले पर टिकी है।
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