द फॉलोअप डेस्क:
बिहार में सड़क रखरखाव की नई व्यवस्था के तहत छोटी-छोटी सड़कों को भी मेंटेनेंस पैकेज में शामिल किया गया है। पटना से लेकर बिहारशरीफ, बोधगया, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बेगूसराय तक कई ऐसी सड़कें हैं, जिनकी लंबाई एक किलोमीटर से भी कम है। इनमें कुछ सड़कों की लंबाई महज 100 मीटर है। इन सड़कों का रखरखाव भी चयनित निर्माण एजेंसियों को करना होगा। राज्य में सड़क रखरखाव की व्यवस्था को जवाबदेह बनाने के लिए आउटपुट एंड परफॉर्मेंस बेस्ड रोड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (ओपीआरएमसी) के तीसरे चरण की शुरुआत की गई है। इसके तहत चयनित सड़कों का सात वर्षों तक रखरखाव किया जाएगा। 26 सितंबर 2026 को शुरू की गई इस योजना में 13,033 किलोमीटर सड़कों के लिए 66 पैकेज बनाए गए हैं। इन कार्यों पर करीब 10,590.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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पटना में 100 मीटर सड़क का भी होगा रखरखाव
पटना के लिए तैयार मेंटेनेंस पैकेज में कई छोटी सड़कों को शामिल किया गया है। इनमें नेहरू पथ पर आयकर गोलंबर से तारामंडल की ओर जाने पर सोना मेडिकल हॉल के पास स्थित सर्विस लेन की लंबाई 0.17 किलोमीटर है। वहीं, फुलवारीशरीफ में पूर्णेंदुनगर से योगेंद्र भगत के घर तक की सड़क महज 0.10 किलोमीटर यानी 100 मीटर लंबी है। इसके अलावा न्यू डाकबंगला रोड की लंबाई 0.40 किलोमीटर, बैंक रोड की 0.80 किलोमीटर और बंदर बगीचा की सड़क की लंबाई 0.10 किलोमीटर है। चितकोहरा गोलंबर से सैन्य बेस की ओर जाने वाली 0.22 किलोमीटर लंबी सड़क को भी पैकेज में शामिल किया गया है। इन सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी। पटना के अलावा बिहारशरीफ और राजगीर की छोटी सड़कों को भी मेंटेनेंस पैकेज में जगह मिली है। बिहारशरीफ में नालंदा कॉलेज रोड से बारादरी रोड तक की सड़क 0.43 किलोमीटर लंबी है। वहीं, पावर ग्रिड कल्याणबिगहा से हरनौत रेलवे स्टेशन तक की सड़क की लंबाई 0.33 किलोमीटर है। दीपनगर बाजार रोड 0.70 किलोमीटर और कल्याणबिगहा बापास से चेरो-बहादुरपुर लिंक रोड 0.28 किलोमीटर लंबी है। राजगीर में इंडो-होक्के लिंक रोड की लंबाई 0.95 किलोमीटर है। इन सड़कों का रखरखाव भी संबंधित निर्माण एजेंसियों को करना होगा।

बोधगया से बेगूसराय तक छोटी सड़कों का रखरखाव
राज्य के अन्य जिलों में भी एक किलोमीटर से कम लंबाई वाली कई सड़कों को रखरखाव के लिए चुना गया है। बोधगया में तिब्बत धर्मशाला से होटल ओम इंटरनेशनल तक की सड़क 0.58 किलोमीटर लंबी है। मोतिहारी में पेट्रोल पंप से गायत्री मंदिर रोड तक 0.45 किलोमीटर सड़क को पैकेज में शामिल किया गया है। मुजफ्फरपुर में रेवाघाट रोड की लंबाई 0.60 किलोमीटर, समस्तीपुर में रेलवे ओवरब्रिज रोड की 0.43 किलोमीटर और बेगूसराय में बरौनी रेलवे स्टेशन रोड की लंबाई 0.90 किलोमीटर है। इन सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी चयनित निर्माण एजेंसियों को दी गई है। ओपीआरएमसी व्यवस्था का उद्देश्य सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता और रखरखाव पर भी ध्यान देना है। इसके तहत संबंधित एजेंसियों को निर्धारित अवधि तक सड़कों का रखरखाव करना होगा। बिहार में तीसरे चरण के तहत वर्ष 2026 से 2033 तक सात वर्षों के लिए रखरखाव की व्यवस्था की गई है। छोटी सड़कों को भी पैकेज में शामिल किए जाने से उनके रखरखाव की जिम्मेदारी तय होगी। हालांकि, इन सड़कों की वास्तविक स्थिति, मरम्मत की जरूरत और रखरखाव की गुणवत्ता का आकलन मौके पर निरीक्षण के बाद ही किया जा सकेगा।