द फॉलोअप डेस्क:
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 29 सितंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की सीटें शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की सीटों पर चुनाव होना है। इन सीटों पर संबंधित स्नातक और शिक्षक मतदाता ही अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
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तिरहुत शिक्षक सीट पर बदला उम्मीदवार
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक सीट की हो रही है। जेडीयू ने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है। वहीं मोकामा विधायक अनंत सिंह ने उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है और जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को समर्थन दिया है। जन सुराज ने भी अनुज सिंह को पटना स्नातक सीट से मैदान में उतारा है। इसके अलावा पार्टी ने तिरहुत स्नातक से डॉ. विमोहन कुमार और तिरहुत शिक्षक सीट से भूषण झा को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, भूषण झा ने पार्टी का टिकट लौटा दिया और निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया। इसके बाद जन सुराज ने तिरहुत शिक्षक सीट से श्याम नंदन यादव को नया उम्मीदवार बनाया। इस घटनाक्रम ने दोनों सीटों पर चुनावी समीकरणों को चर्चा में ला दिया है।

जन सुराज के सभी 8 सीटों पर उम्मीदवार घोषित
वहीं, उम्मीदवारों की घोषणा के मामले में जेडीयू ने चार सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें पटना स्नातक से नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा, सारण शिक्षक से आनंद पुष्कर और दरभंगा शिक्षक से घनश्याम राय शामिल हैं। दूसरी तरफ आरजेडी ने छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। बीजेपी की ओर से पटना शिक्षक, कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और तिरहुत शिक्षक सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम चर्चा में हैं, लेकिन औपचारिक घोषणा का इंतजार है। ऐसे में अब सबकी नजर पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनुज सिंह के मुकाबले के साथ तिरहुत शिक्षक सीट पर भूषण झा के निर्दलीय मैदान में उतरने पर रहेगी।