पटना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए बिहार के विकास, सुशासन, शिक्षा, रोजगार, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों एवं योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 14 करोड़ बिहारवासियों की ऊर्जा, किसानों एवं उद्यमियों की मेहनत तथा माताओं-बहनों के संकल्प से भारत विकसित राष्ट्र बनेगा और बिहार समृद्ध प्रदेश के रूप में आगे बढ़ेगा।
स्वतंत्रता सेनानियों को नमन, विकसित बिहार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन देश के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को आजादी दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के "न्याय के साथ विकास" के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बिहार विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
सहयोग शिविर और शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिकायतों के निस्तारण के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 8 लाख 48 हजार 181 आवेदनों में से लगभग 95 प्रतिशत का सफल निष्पादन किया जा चुका है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध चरणबद्ध कार्रवाई भी की जा रही है। साथ ही प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस मनाकर ग्रामीण विकास को गति देने का निर्णय लिया गया है।
कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत 1,833 आपातकालीन वाहनों के माध्यम से औसतन 10 मिनट के भीतर पुलिस, एम्बुलेंस, अग्निशमन, हाईवे पेट्रोलिंग, डिजास्टर रिस्पॉन्स तथा महिला एवं बाल हेल्पलाइन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य के 855 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं तथा "अभया ब्रिगेड" का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस दीदी को स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर प्रभावी रूप से तैनात किया जा सके।
ऐतिहासिक बजट और औद्योगिक विकास की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 500 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया गया है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, कृषि, रोजगार, तकनीक और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लागू की गई हैं तथा बिहार सेमीकंडक्टर नीति-2028 के माध्यम से वर्ष 2030 तक बिहार को सेमीकंडक्टर उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 14,800 एकड़ नई औद्योगिक भूमि के अधिग्रहण को स्वीकृति दी गई है तथा राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
किसानों के लिए चीनी मिलें, सिंचाई और सस्ती बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के लिए 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की जाएगी। इनमें से 10 चीनी मिलों की शुरुआत हो चुकी है, जबकि अगले छह महीनों में 5 और चीनी मिलें शुरू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 9,475 मेगावाट तक सफलतापूर्वक पूरी की गई है। प्रधानमंत्री सूर्यधर योजना के तहत 4 लाख 83 हजार बीपीएल परिवारों के घरों पर निःशुल्क रूफटॉप सोलर लगाए जा रहे हैं तथा वर्ष 2027 तक 25 लाख घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना के तहत 125 यूनिट प्रति माह निःशुल्क बिजली दी जा रही है, जबकि कृषि विद्युत संबद्ध योजना के अंतर्गत किसानों को 1 लाख 66 हजार निःशुल्क कृषि विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
सैटेलाइट टाउनशिप और आधारभूत संरचना का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सुनियोजित शहरी विकास के लिए 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इसके लिए HUDCO के साथ एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण संबंधी समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में 5 एक्सप्रेस-वे, 8 हाई-स्पीड कॉरिडोर, नए हवाई अड्डों तथा सभी जिलों में एयरस्ट्रिप विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।
शिक्षा सुधार, परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। राज्य के बजट का लगभग 20 प्रतिशत, यानी 68 हजार 678 करोड़ रुपये से अधिक, शिक्षा पर व्यय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में 561 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) स्थापित किए गए हैं तथा सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। 211 नए प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों की शुरुआत के साथ 2,451 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने घोषणा की कि बिहार में परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए उच्चस्तरीय समिति भी बनाई जाएगी। राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतनों में IIT-JEE, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है।
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और छात्र कल्याण निदेशालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 17 अगस्त से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से छात्रों की शिकायतों का 30 दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त छात्रों से संबंधित सभी विभागों में छात्र कल्याण निदेशालय का गठन किया जाएगा, ताकि छात्र हित से जुड़े कार्यों का बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रखंड स्तर के 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी अस्पताल और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। दवा आपूर्ति और वितरण व्यवस्था में बिहार लगातार 22 माह से राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को घर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा जिला अस्पतालों में 36 प्रकार की सर्जरी की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा सरकारी कर्मियों के लिए बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना (BGHS) के अंतर्गत कैशलेस उपचार की सुविधा स्वीकृत की गई है।
सिंचाई और जल प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने और बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है। कोसी-मेची लिंक परियोजना लगभग 6,282 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है। सिंचाई एवं बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी 46 योजनाओं में से 11 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 32 योजनाओं पर कार्य जारी है। इसके अलावा कमरगंज पंप सिंचाई योजना, बरनार जलाशय परियोजना, गंगा जल आपूर्ति योजना (द्वितीय चरण), दुर्गावती एवं सोन नदी आधारित पेयजल परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना के तहत बाल्मीकिनगर, मुंडेश्वरी धाम और राजगीर के लिए सेवाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने घोषणा की कि पटना जिले के मोकामा में 10 एकड़ भूमि पर तिरूपति बालाजी ट्रस्ट द्वारा तिरूपति बालाजी मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।
युवाओं के लिए रोजगार और नई युवा नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। युवाओं के समग्र विकास के लिए बिहार युवा नीति बनाई जाएगी, जिसकी निगरानी स्टेट यूथ कमिशन करेगा। उन्होंने कहा कि नालंदा, बोधगया, राजगीर, वैशाली और विक्रमशिला जैसे विरासत स्थलों को युवा उद्यमिता, हेरिटेज गाइड और कल्चरल टूरिज्म स्टार्टअप से जोड़कर नए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे।
विकसित बिहार के निर्माण का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों से विकसित बिहार के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 14 करोड़ बिहारवासियों की ऊर्जा, किसानों एवं उद्यमियों की मेहनत तथा माताओं-बहनों के संकल्प से भारत विकसित देश बनेगा और बिहार समृद्ध प्रदेश के रूप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।