द फॉलोअप डेस्क:
पटना में शुक्रवार, 25 सितंबर को SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने विरोध मार्च निकाला। आर. ब्लॉक स्थित चाणक्य होटल के पास से शुरू हुआ यह मार्च राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहा था। विधानसभा के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शन में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए। पानी की बौछार में वह भी भीग गए।
#WATCH | Bihar | Police use water cannon to disperse Congress workers protesting against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, in Patna pic.twitter.com/mncZmiOWlE
— ANI (@ANI) September 25, 2026
आर. ब्लॉक से शुरू हुआ कांग्रेस का विरोध मार्च
बिहार कांग्रेस की ओर से आयोजित इस मार्च में पार्टी के कई कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ता आर. ब्लॉक स्थित चाणक्य होटल के पास जुटे और हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर बढ़े। कांग्रेस ने इस मार्च के जरिए SIR और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी भी की। उनके हाथों में ‘वोट चोर चुनाव आयोग छोड़’ जैसे नारे लिखे बैनर थे। कांग्रेस का कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय तक पहुंचने का था, लेकिन विधानसभा के पास पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।
.jpeg)
विधानसभा के पास रोके गये कांग्रेस कार्यकर्ता, वाटर कैनन का इस्तेमाल
विधानसभा के पास मार्च रोके जाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार से कई कार्यकर्ता भीग गये। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए और वह भी पानी की बौछार में भीग गये। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर सवाल उठाये गये। कांग्रेस ने उनके कार्यकाल में लिये गये फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की है।
SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस की क्या मांग है?
कांग्रेस का विरोध विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की है। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाते हुए आयोग के फैसलों की समीक्षा की मांग की है। ये कांग्रेस की ओर से उठाये गये सवाल और मांगें हैं।

देशभर में विरोध मार्च का ऐलान
कांग्रेस ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत 25 सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालयों तक मार्च निकालने का आह्वान किया गया था। आंदोलन के अगले चरण में 28 सितंबर को जिला कांग्रेस कमेटियों की ओर से जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालने का कार्यक्रम है। कांग्रेस का कहना है कि इन प्रदर्शनों के जरिए मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा।