पटना/बिहार
पटना के चर्चित बंटी यादव अपहरण और हत्याकांड मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कोतवाली थाना क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात तीन ASI और एक होम गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। घटना पुलिस थाने के मात्र 100 की दूरी पर हुई थी। विभाग के इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने उठाई कदम
पटना सेंट्रल के SP ममता कल्याणी ने विभागीय जांच में ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की। निलंबित पुलिसकर्मियों में एएसआई प्रवीण कुमार पंकज, ASI अवधेश कुमार, ASI वीर बहादुर सिंह और होम गार्ड सुदर्शन प्रसाद शामिल हैं। सभी का मुख्यालय नवीन आरक्षी पुलिस केंद्र, पटना निर्धारित किया गया है। मामले में तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय जांच के अनुसार, 6 जुलाई की रात बंटी कुमार के कथित अपहरण के समय डायल-112 और गश्ती दल में शामिल ये पुलिसकर्मी घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर मौजूद थे। इसके बावजूद न तो उन्हें घटना की जानकारी मिली और न ही तत्काल कोई कार्रवाई की गई। इसी आधार पर विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंटी का कथित तौर पर 8 से 10 बदमाशों ने पटना जंक्शन क्षेत्र से अपहरण किया था, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। करीब पांच दिन बाद उसका शव अथमलगोला क्षेत्र से बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने की भी कोशिश की थी।

अवैध रुप से सेक्स रैकेट का कर रहा था विरोध
वहीं, बंटी के परिजनों का आरोप है कि घटना की रात ही पुलिस को अपहरण, संदिग्धों और सीसीटीवी फुटेज की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का दावा है कि बंटी इलाके में कथित अवैध रुप से चल रहे सेक्स रैकेट का विरोध कर रहा था, जिसके कारण उसे निशाना बनाकर अगवा किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है।