भोजपुर/बिहार
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “कितने भरत तिवारी को मारोगे, न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन।“ आज अधिवक्ता अनिल मिश्रा अपने सहयोगियों के साथ भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचे और उनके परिजनों से मिले। इस दौरान परिजनों से मुलाकात कर उन्होंने इस घटना को क्लियर कट हत्या करार दिया। साथ ही पुलिस-प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है।

कानून का खुला उल्लंघन प्रतीत होता है
अधिवक्ता ने कहा कि घटनास्थल और उपलब्ध परिस्थितियों को देखने से यह मामला पुलिस मुठभेड़ नहीं, बल्कि कानून के खुले उल्लंघन का प्रतीत होता है। वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने मांग की कि एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और उसके बाद ही निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। स्थानीय पुलिस अपने स्तर पर इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं कर सकती थी, बल्कि यह किसी उच्च स्तर के निर्देश पर की गई घटना प्रतीत होती है।

न्यायपालिका पर पूरा भरोसा
उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी को पहले वाहन में बैठाया गया और फिर बेहद करीब से गोली मारकर उनकी हत्या की गई। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग को लेकर जल्द ही क्षेत्र मंस महापंचायत आयोजित की जाएगी। साथ ही कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को पटना और दिल्ली तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन जब तक भरत तिवारी के परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।