पटना
ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 20-21 जून 2026 को किदवई पुरी, पटना, बिहार में संपन्न हुई। बैठक में निजीकरण के खिलाफ मजदूर हितों की रक्षा के लिए व्यापक मजदूर आंदोलनों की रूपरेखा पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
श्रम कोड लागू होने के बाद उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में काम के घंटे बढ़ाए जाने के खिलाफ उभरे स्वतःस्फूर्त मजदूर प्रतिरोध पर बर्बर दमन तथा मजदूर नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ, रोजगार की गारंटी और बेहतर मजदूरी की मांग को लेकर 1 जुलाई से 9 अगस्त तक एक माह का जन अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अखिल भारतीय स्तर पर प्रवासी श्रमिकों को संगठित करने तथा उनके अधिकारों के सवाल पर संघर्ष करने का संकल्प पारित किया गया।
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इन नीतियों की हुई आलोचना
बैठक की अध्यक्षता 5 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। ऐक्टू राष्ट्रीय परिषद की बैठक को प्रारंभिक संबोधन महासचिव राजीव डिमरी एवं अंतिम संबोधन राष्ट्रीय अध्यक्ष वी. शंकर ने किया। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए 4 श्रम संहिताओं को रद्द कर मजदूर हितों की रक्षा करने की मांग की गई। राष्ट्रीय परिषद की बैठक में झारखंड से शुभेंदु सेन, भुनेश्वर केवट, बैजनाथ मिस्त्री, विकास सिंह, बालेश्वर गोप, गीता मंडल, कृष्ण सिंह, कार्तिक हरि, बागेश्वर गोप, अमल घोषाल, बालेश्वर यादव, खुशबू कुमारी, महादेव मांझी समेत कई नेतागण शामिल हुए।
