विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने उपस्थित सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आज के बदलते परिवेश में शिक्षा की महत्ता को बताया और अभिभावकों से विशेष रूप से जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका अपना घर होता है और घ
सिमडेगा पुलिस को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने एक बंद कंटेनर वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की और वाहन चालक गिन्दर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिन्दर सिंह, जो पंजाब का निवासी है, ने अपना दोष कबूल करते हुए बताया कि वह पंजाब से अवैध शराब की खेप
सिमडेगा जिला के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत डोमटोली पंचायत का केराबेड़ा गांव आज भी विकास से कोसों दूर है। यह गांव बरसात के दिनों में टापू बन जाता है, जहां पहुंचने का एकमात्र साधन एक अस्थायी लकड़ी का पुल है। तेज बहाव के दौरान यही पुल खतरा बन जाता है। ग्रामीण उ
झमाझम बारिश के बीच सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह ने बुधवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। यह भ्रमण हाल ही में आयोजित पर्यटन संवर्धन समिति की बैठक में प्रस्तुत योजनाओं की व्यवहारिकता को परखने के उद्देश्य से किया गया। उपायुक्त ने क
सिमडेगा के बानो थाना क्षेत्र के तीन मामलों में 20 वर्षों से फरार चल रहे पीएलएफआई के उग्रवादी ने पुलिस के दबाव में शुक्रवार को महाबूआंग थाना में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी सिमडेगा मोहम्मद अर्शी ने प्रेस वार्ता में बताया कि महाबूआंग थाना क्षेत्र के बिरनीबेड़ा
डीसी कंचन सिंह ने सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान के साथ अस्पताल के विभिन्न सेवा केंद्रों का दौरा किया और वहां मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने कुपोषण केंद्र, ओपीडी, ओटी आदि का भी निरीक्षण किया।
झारखंड के सिमडेगा जिले से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या करने के बाद उसका शव बालू में छिपा दिया।
सिमडेगा एसडीओ आवास के पास देर रात भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई।
सिमडेगा पुलिस को अवैध गांजा तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने 155 किलो गांजा के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है।
सिमडेगा के बीरू फुलवरटांगर में लोगों की शिकायत पर कांग्रेस नेता दिलीप तिर्की ने भ्रमण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पीएचईडी विभाग की कारस्तानी देखी।
सिमडेगा में बिजली विभाग का एक कारनामा सामने आया है। दरअसल जिस गांव में बिजली की तार हीं नहीं गुजरी और जहां लोगों ने आज तक बिजली के दर्शन नहीं किए।
झारखंड में चलना ही नृत्य और बोलना गीत-संगीत है। लेकिन दुःखद की आधुनिकता के इस दौर में गीत, संगीत, वाद्य यंत्रों को बचाने की बातें सिर्फ मंचो तक ही सिमटा हुआ नजर आता है।