सदस्यों का कहना था कि ठेकेदार कुछ चुनिंदा ट्रक और हाइवा मालिकों को प्राथमिकता देकर कार्य दे रहा है, जबकि अन्य वाहन मालिकों की अनदेखी की जा रही है. वाहन मालिकों ने बताया कि इस संबंध में ठेकेदार से दूरभाष पर संपर्क कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन