इस वाकये के दौरान मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर था। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नेता सड़क और पुल का वादा करके गए हैं लेकिन आज तक स्थिति जस की तस है। सरकारी अधिकारियों को तो जैसे इस क्षेत्र की समस्याओं से कोई लेना-देना ही नहीं रह गया है।