गिरफ्तारी के बाद हुए खुलासों से पता चला है कि मोहन को नकली कागज़ात और असम के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके दूसरी जगह भेजा गया था।