अधूरे निर्माण, उड़ती धूल और लगातार बढ़ते दुर्घटनाओं के खतरे को लेकर काटिया, चैनपुर, पाटा, छोटालाखा, मानीकुई और तारकुआं के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।