झारखंड में 30 हजार से अधिक पुराने वृक्षों की जेनेटिक मैपिंग की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य पिछले 100 वर्षों में मौसम में आए बदलाव, जंगलों की मिट्टी की प्रकृति और पारिस्थितिकी संतुलन को समझना है। केंद्र सरकार ने इसके लिए विस्तृत योजना तैयार की है।