बोकारो:
मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर बोकारो की होनहार तीरंदाज स्नेहा कुमारी ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। केंद्रीय विद्यालय नंबर-1, बोकारो की कक्षा 11वीं की छात्रा स्नेहा ने 55वीं केंद्रीय विद्यालय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता (तीरंदाजी) 2026-27 में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

दिल्ली कैंट में देशभर के तीरंदाजों के बीच दिखाया दम
55वीं केंद्रीय विद्यालय राष्ट्रीय आर्चरी स्पोर्ट्स मीट का आयोजन 24 से 29 अगस्त 2026 तक केंद्रीय विद्यालय नंबर-2, दिल्ली कैंट में किया गया। प्रतियोगिता में देशभर से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। स्नेहा ने अंडर-19 वर्ग के 30 मीटर इंडियन बो इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

केंद्रीय विद्यालय नंबर-1 में स्नेहा का सम्मान किया गया
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर बोकारो लौटने पर केंद्रीय विद्यालय नंबर-1 में स्नेहा का सम्मान किया गया। विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार ने उन्हें सम्मानित करते हुए उपलब्धि पर खुशी जताई और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार ने कहा कि स्नेहा की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है।

महज 11 साल की उम्र में स्नेहा ने शुरू की थी तीरंदाजी
स्नेहा वर्ष 2022 से नियमित रूप से तीरंदाजी का अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने महज 11 वर्ष की उम्र में इस खेल की शुरुआत की थी। वर्तमान में वह सेल डे-बोर्डिंग आर्चरी सेंटर, सेक्टर-4, बोकारो में नियमित अभ्यास करती हैं। उनकी सफलता में कोच राजेंद्र गुड़िया का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्नेहा का परिवार साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता सुरेंद्र कुमार गुप्ता फल विक्रेता हैं, जबकि माता हीना देवी गृहिणी हैं। परिवार सेक्टर-5 स्थित अंबेडकर नगर में रहता है। सीमित संसाधनों के बावजूद स्नेहा ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और निरंतर अभ्यास के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया है
स्नेहा की इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय, कोच और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। माता-पिता, विद्यालय परिवार और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। स्नेहा का लक्ष्य आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का नाम रोशन करना है। इसके लिए वह लगातार अभ्यास में जुटी हैं।