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स्पोर्ट्स : जो रूट ने टेस्ट फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी, कहा- देश का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात

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डेस्क: 

जो रूट ने इंग्लैंड के टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला हारने के बाद जो रूट ने ये फैसला लिया। गौरतलब है कि जो रूट के नाम इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी औऱ जीत का रिकॉर्ड है। जो रूट की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम ने 27 टेस्ट मैचों में जीत हासिल की। इससे पहले माइकल व़ॉन ने 26 टेस्ट मैचों में जीत दिलाई थी। एलिस्टेयर कुक और एंड्रयू स्ट्रॉस की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम 24 टेस्ट जीती। इस लिहाज से जो रूट अपने पूर्ववर्ती कप्तानों से आगे रहे। 

वेस्टइंडीज से हार के बाद लिया फैसला
टेस्ट फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का एलान करते हुए जो रूट ने कहा कि कैरेबिया दौरे से लौटने के बाद मुझे सोचने का वक्त मिला और मैंने इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ेन का फैसला किया। जो रूट ने कहा कि कप्तानी छोड़ने का फैसला मेरे पूरे करियर के कुछ बहुत चुनौतीपूर्ण फैसलों में से एक रहा। मैंने अपने परिवार और करीबी दोस्तों से इस बारे में बात किया। मुजे लगता है कि ये सही समय था। 

टीम की कप्तानी करने के लिए मुझे गर्व है
जो रूट ने कहा कि मैं बहुत गौरवान्वित महसूस करता हूं कि मुझे करियर में 5 साल तक अपनी टीम की कप्तानी करने का मौका मिला। मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन कर सका। मैंने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के लिए बने सिद्धातों का पालन किया। मैं खुश हूं कि मैंने देश का प्रतिनिधित्व किया। लेकिन अब समय है कि मैं इससे खुद को पीछे हटा लूं। 

2017 में जो रूट को सौंपी गई थी कप्तानी
गौरतलब है कि एलिस्टेयर कुक के संन्यास लेने के बाद जो रूट को टेस्ट फॉर्मेट की कप्तानी दी गई थी। उन्होंने अपनी कप्तानी में कई महत्वपूर्ण सीरीज जीतीं जिसमें साल 2018 में भारत के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में 4-1 से जीत शामिल है। 2020 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3-1 से जीत हासिल की। जो रूट ने कहा कि मैं अपने परिवार का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।

मैं अपने बच्चों का शुक्रिया करना चाहता हूं। मेरे सभी साथी खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ का शुक्रिया करता हूं जिन्होंने कार्यकाल के दौरान मेरी मदद की। मैं काफी खुशनसीब हूं कि मुझे उनका पूरा साथ मिला। ये गर्व की बात है।