द फॉलोअप डेस्क
कांग्रेस की एक नेता द्वारा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के वजन को लेकर की गई टिप्पणी ने बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया है। इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेता डॉ शमा मोहम्मद को सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। विवाद बढ़ता देख उन्होंने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी, लेकिन तब तक यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका था। हालांकि, इस पोस्ट पर BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूरे संगठन को घेरा, साथ ही राहुल गांधी पर भी तीखा तंज कसा।
कैसे शुरू विवाद
बता दें कि कांग्रेस प्रवक्ता डॉ शमा मोहम्मद ने रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मैच के दौरान सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, "रोहित शर्मा एक मोटे खिलाड़ी हैं, उन्हें अपना वजन कम करने की जरूरत है। बेशक वे अब तक के सबसे बेअसर कप्तान हैं।"
उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जबरदस्त आलोचना का सामना करना पड़ा। इस पर एक पाकिस्तानी खेल पत्रकार ने भी नाराजगी जताई और रोहित शर्मा को एक विश्वस्तरीय खिलाड़ी बताते हुए डॉ मोहम्मद की आलोचना की। इसके बाद भी कांग्रेस नेता अपनी बात पर अड़ी रहीं और रोहित शर्मा को औसत दर्जे का कप्तान करार दिया। डॉ शमा यहीं नहीं रूकी, उन्होंने यह भी कहा कि रोहित केवल किस्मत के सहारे भारतीय टीम के कप्तान बने हैं।राजनीतिक तूल पकड़ने लगा विवाद
वहीं, इस विवाद पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब कांग्रेस चाहती है कि राहुल गांधी क्रिकेट खेलें। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। अब वे भारतीय क्रिकेट टीम पर भी निशाना साध रहे हैं। क्या वे चाहते हैं कि राजनीति में असफल रहने के बाद राहुल गांधी क्रिकेट खेलें।" भाजपा ने इस टिप्पणी के जरिए कांग्रेस पर कटाक्ष किया और इसे राजनीति से क्रिकेट को जोड़ने का प्रयास बताया।
कांग्रेस नेता ने दी सफाई
हालांकि, विवाद के बढ़ने पर डॉ शमा मोहम्मद ने अपने ट्वीट पर सफाई दी। उन्होंने कहा, "यह ट्वीट केवल एक खिलाड़ी की फिटनेस पर था। इसमें किसी का मजाक नहीं उड़ाया गया। मेरा हमेशा से मानना है कि खिलाड़ी को फिट रहना चाहिए और मुझे लगता है कि रोहित शर्मा थोड़ा ज्यादा वजनदार हैं, इसलिए मैंने इस बारे में ट्वीट किया। अब मुझ पर बिना कारण के हमले किए जा रहे हैं। मैंने उनकी पूर्व कप्तानों से तुलना की और यह मेरा अधिकार है। इसमें गलत क्या है, यह लोकतंत्र है।"