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महिला हॉकी टीम की जीत के बाद कोच शोर्ड मारिन ने क्यों कहा!..."सॉरी फैमिली"

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द फॉलोअप टीम, डेस्क: 

टोक्यो ओलंपिक्स में जैसे भारतीय हॉकी का पुनर्जन्म हुआ हो। पुरुष टीम के बाद अब भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी ओलंपिक्स के सेमीफाइनल में स्थान पक्का कर लिया है। महिला टीम ने तीन बार की ओलंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया। ये जीत ऐतिहासिक इसलिए भी है क्योंकि भारतीय महिला हॉकी ने पहली बार ओलंपिक इवेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। ये जीत कितनी खास है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोच की आंखों से आंसू बह निकले।

कोच शोर्ड मारिन की ये तस्वीर देखी क्या
भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराया। मैदान में रोती, साथी खिलाड़ियों को गले लगाती हॉकी खिलाड़ियों की तस्वीर तो आपने देखी हो होगी। इस दरम्यान शायद आपकी निगाह एक तस्वीर की ओऱ नहीं गई। ये तस्वीर है भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन। जितना श्रेय महिला टीम के प्रदर्शन को जाता है उससे कम श्रेय कोच शोर्ड मारिन को नहीं दिया जा सकता। मारिन ने कोविड से जूझ रही महिला टीम में वो जोश और आत्मविश्वास भरा जिससे कि वो टोक्यो में चमत्कार कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया पर टीम इंडिया की जीत के बाद शोर्म मारिन ने ट्विटर पर एक पोस्ट किया। वे टीम की खिलाड़ियों के साथ टीम बस में हैं। कैप्शन में लिखा है कि सॉरी फैमिल। मै फिर बाद में आता हूं। 

कोच शोर्ड मारिन का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल
इस तस्वीर के अलावा कोच शोर्ड मारिन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल है। इस वीडियो में मारिन खुशी से रोते दिखाई पड़ते हैं। इस दरम्यान वे वीडियो कॉल पर किसी से बात करते हुए काफी भावुक नजर आते हैं। वे अचानक रोने भी लगते हैं। गौरतलब है कि ये पहला मौका है जब भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची है। इस मैच में एकमात्र गोल भारत की स्ट्राइकर गुरजीत कौर ने किया था। इसी गोल की बदौलत टीम सेमीफाइनल में पहुंची है। 

 

 

 

ओलंपिक की शुरुआत से पहले शोर्ड मारिन ने ये कहा था
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ओलंपिक की शुरुआत से पहले कोर्ड शोर्ड मारिन ने कहा था कि उनकी टीम में 8 अनुभवी औऱ 8 युवा खिलाड़ी हैं। वे इसी कॉम्बिनेशन के साथ मैदान में उतरेंगे ताकि अनुभव और आक्रामकता का समावेश किया जा सके। कोच शोर्ड मारिन ने जो कहा उसका असर दिख रहा है। महिला टीम ग्रुप स्टेज में ब्रिटेन, नीदरलैंड और जर्मनी से हार गई थी। लग रहा था कि इस वर्ष भी कोई संभावना नहीं है। लेकिन टीम ने आखिरी दो मैचों में पहले आयरलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया। टीम ग्रेट ब्रिटेन के हाथों आयरलैंड की हार से क्वार्टर फाइनल में पहुंची। अब सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर भारत ने नई संभावनाओं को जन्म दिया है।