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ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया फर्जी मुठभेड़ का आरोप, डीजीपी से की जांच की मांग

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द फॉलोअप टीम, लातेहार: 

लातेहार में पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया है। लातेहार जिला स्थित बालूमाथ थानाक्षेत्र अंतर्गत राजगुरु ग्राम के जिरहुला के ग्रामीणों ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा है। ग्रामीणों ने बालूमाथ पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। 

बालूमाथ एसडीपीओ ने किया था प्रेस कांफ्रेंस
जानकारी के मुताबिक 18 अप्रैल को बालूमाथ एसडीपीओ अजीत कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस किया था। एसडीपीओ ने जानकारी दी थी कि राजगुरु जंगल में पुलिस की टीएसपीसी नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद हथियार भी बरामद किया गया। पुलिस ने ये भी बताया था कि एसपी प्रशांत आनंद को सूचना मिली थी कि इलाके में टीएसपीसी कमांडर आक्रमण गंझू, भैरव गंझू, प्रदीप गंझू सहित तकरीबन 16 की संख्या में नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। 

पुलिस ने गांव में तलाशी अभियान चलाया था
ग्रामीणों का कहना है कि 18 अप्रैल को पुलिस जिरहूला गांव आई थी। पुलिस की टीम गांव में कुछ घरों की तलाशी लेकर वापस लौट गयी थी। गांव वालों का कहना है कि इस बीच गांव में या उसके आसपास कहीं कोई मुठभेड़ नहीं हुई। ग्रामीणों ने लिखित शिकायत देकर घटना की जांच की मांग की है। शिकायत की कॉपी लातेहार के उपायुक्त, एसपी और मानवाधिकार आयोग को भेजा गया है। 

बालूमाथ पुलिस ने आरोपों से किया साफ इंकार
इस मामले को लेकर बालूमाथ पुलिस इंस्पेक्टर बबलू कुमार का कहना है कि टीएसपीसी नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई थी इसमें कोई संदेह नहीं है। मुठभेड़ के बीच नक्सली भाग गए थे। पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। इस बीच ये पूरा मामला जांच का विषय है।