द फॉलोअप टीम
रांची : पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ पूर्व मंत्री व विधायक सरयू राय ने शुक्रवार को एसीबी में मैनहार्ट मामले की जांच के लिए औपचारिक परिवाद दिया। एसीबी में पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा को परिवाद देने के बाद मीडिया से कहा कि तीन-चार दिन पहले उनके द्वारा मैनहर्ट मामले पर लिखी हुई पुस्तक ‘लम्हों की खता में’ कई अनिमियतताओं को उजागर किया गया है।
मामले की जांच होनी चाहिए : सरयू राय
इस पुस्तक के प्रकाशन के बाद रघुवर दास ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लंबा-चौड़ा बयान देते हुए कहा था कि इस मामले की जांच में क्लीन चीट मिल चुकी है। इसलिए इस मामले को लेकर एसीबी के पास पहुंचे हैं। सरयू राय ने कहा कि एसीबी से आग्रह करते हुए एक औपचारिक प्रतिवाद सौंपा हूं। इसमें एसीबी से आग्रह किया हूं कि मैनहर्ट मामले में अगर कोई जांच हुई हो तो उसकी रिपोर्ट दी जाए। अगर जांच नहीं हुई है तो इस मामले पर जांच होनी चाहिए।
षड्यंत्र के तहत मेनहर्ट को बहाल किया
उन्होंने कहा कि अब तो सारी शक्तियां सरकार में है और एसीबी बिना सरकार की अनुमति के काम नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि एसीबी से अनुरोध किया कि प्रक्रिया आगे बढ़ाएं, जिसमें उन्होंने यह भी बताया कि इस संदर्भ में हाईकोर्ट द्वारा भी दो बार जांच का आदेश दिया जा चुका है। इसके बाद उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आलोक में और उनके पास पहुंची सूचना के आधार पर भी उसने परिवाद दाखिल किया है। उन्होंने यह कहा कि षड्यंत्र के तहत उन्होंने मेनहर्ट को बहाल किया है।