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"आमिर खान और किरण राव की तरह है बीजेपी-शिवसेना का रिश्ता"

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द फॉलोअप टीम, मुंबई: 


हिंदुत्व की समान विचारधारा के आधार पर कभी केंद्र और राज्य में एक रही बीजेपी और शिवसेना के रिश्ते महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के बाद बदल गए। दोनों राजनीतिक प्रतिद्वंदी बन गए हैं। इस बीच शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मुखपत्र सामना के संपादक संजय राउत ने शिवसेना-बीजेपी के संबंधों पर दिलचस्प बयान दिया है। संजय राउत ने कहा कि हम भारत-पाकिस्तान नहीं हैं बल्कि हमारा रिश्ता आमिर खान और किरण राव की तरह है। 

आमिर और किरण राव की तरह है हमारा रिश्ता
शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि हमारा यानी शिवसेना और बीजेपी के रिश्ते को भारत-पाकिस्तान जैसे संबंधों के चश्मे से देखने की जरूरत नहीं है। हमारा रिश्ता तो आमिर खान और किरण राव की तरह है। हम राजनीतिक तौर पर भले ही अलग हैं लेकिन हमारी दोस्ती बरकरार रहेगी। संजय राउत ने ये बयान महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के उस बयान के जवाब में दिया जिसमें फड़णवीस ने कहा था कि हम दुश्मन नहीं हैं। गौरतलब है कि बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान और किरण राव ने हाल ही में आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। संयुक्त बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा था कि हम भले ही अब पत्नी-पत्नी नहीं हैं लेकिन हम एक ही परिवार हैं। हमारे रिश्ते में थोड़ा बदलाव आ गया है लेकिन हम साथ हैं। 

शिवसेना और बीजेपी में टूट गया था सालों का रिश्ता
गौरतलब है कि शिवसेना और बीजेपी दोनों हिंदुत्व की विचारधारा के आधार पर समान है। दोनों के बीच केंद्र और राज्य में भी लंबा गठबंधन चला। लोकसभा चुनाव से पहले जरूर थोड़ा टकराव वाली स्थिति थी जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी के विरोध में सनातन धर्मावलंबी साधुओं द्वारा बुलाई गई सभा में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिरकत की थी। हालांकि दोनों पार्टियों ने साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा। महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव भी दोनों पार्टियां मिलकर लड़ी। बीजेपी ने तकरीबन 105 सीटों पर जीत दर्ज की वहीं शिवसेना भी 56 सीटें जीतने में कामयाब रही। चुनाव बाद शिवसेना ने मांग रखी कि ढाई साल उनका मुख्यमंत्री होगा। वहीं बीजेपी का तर्क था कि गठबंधन में कभी इस पर सहमति नहीं व्यक्त की गई थी। इस खींचतान में गठबंधन टूट गया। 

मुख्यमंत्री पद को लेकर टूटा था दोनों पार्टियों का रिश्ता
शिवसेना ने ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री वाले फॉर्मूले पर सहमति नहीं बन पाने पर केंद्र से भी समर्थन वापस ले लिया। तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच एक दिन तड़के देवेंद्र फड़णवीस ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार और उनके सहयोगी विधायकों के समर्थन से मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली लेकिन बाद में शरद पवार से बातचीत के बाद अजित पवार ने समर्थन वापस ले लिया। बाद में एनसीपी, कांग्रेस के साथ मिलकर शिवसेना ने महाअघाड़ी विकास गठबंधन के नाम से सरकार बनाई जो अभी तक चल रही है। हालांकि इस बीच कई बार गठबंधन में दरार की खबरें सामने आती रही हैं। एनसीपी और कांग्रेस के बीच टकराव की बात होती है। 

महाअघाड़ी में टूट की खबरों पर संजय राउत का शायराना पोस्ट
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने महाअघाड़ी विकास गठबंधन में टूट की खबरों और कयासों को लेकर भी जवाब दिया है। अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर संजय राउत ने काफी शायराना अंदाज में इसका जवाब दिया है। संजय राउत ने लिखा है कि हमारी अफवाह के धूएं वहीं से उठते हैं जहां हमारे नाम से आग लग जाती है। महाविकास अघाड़ी में टूट की खबरों के बीच संजय राउत ने ये शायराना ट्वीट किया है। ये कयास इसलिए भी लगाए जाते रहे हैं क्योंकि हाल ही में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की थी।