अजित जायसवाल/साहिबगंज
साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत तेलों पंचायत के तेलों मांझी टोला गांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग लगातार अनसुनी किए जाने से नाराज होकर खुद मोर्चा संभाल लिया है। तेलों मांझी टोला से मोहली टोला तक सड़क नहीं होने के कारण वर्षों से परेशान ग्रामीणों ने अब चंदा जुटाकर और श्रमदान कर करीब एक किलोमीटर कच्ची सड़क बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे इंतजार और प्रशासनिक उदासीनता के बाद उन्हें यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार दोनों टोले के बीच सड़क नहीं होने से लोगों को लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बरसात के दिनों में यह पगडंडी दलदल में तब्दील हो जाती थी, जिससे गांव का संपर्क लगभग कट जाता था। मरीजों, स्कूली बच्चों और दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता था। कई बार एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती थी, जिसके कारण मरीजों को खटिया पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता था।
सांसद-विधायक से लगाई थी गुहार
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर उन्होंने कई बार सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था। लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला और कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीण बरसात अंसारी ने बताया कि चुनाव के समय नेता गांव में बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांव की समस्याओं को भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कई बार इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वर्षों तक इंतजार के बाद जब कोई समाधान नहीं निकला तो ग्रामीणों ने स्वयं सड़क बनाने का निर्णय लिया। सुबह करीब 8 बजे गांव के लोग एकजुट हुए और जेसीबी एवं ट्रैक्टर की मदद से मिट्टी सोलिंग कार्य शुरू किया गया। किसी ने फावड़ा उठाया, किसी ने कुदाल संभाली तो किसी ने मिट्टी ढोने का जिम्मा लिया। ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर सड़क को चलने लायक बनाने की दिशा में काम तेज कर दिया है।
5 लाख रुपये जुटाकर बना रहे कच्चा रास्ता
माले नेता कसतूर अंसारी ने बताया कि सांसद, विधायक, पूर्व विधायक समेत कई जनप्रतिनिधियों के पास जाकर ग्रामीण “चप्पल घिस चुके हैं”, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि दोनों टोले में करीब 350 परिवार रहते हैं, जिनमें अधिकतर लोग कृषि और दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं। सड़क नहीं रहने से ग्रामीणों की आय, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण शमशेर अंसारी ने बताया कि दोनों टोले के लोगों ने मिलकर लगभग 5 लाख रुपये का चंदा जुटाया है, जिससे कच्ची सड़क बनाई जा रही है। हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि वर्षों से झेल रही परेशानियों से उन्हें स्थायी राहत मिल सके।