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पंकज मिश्रा पर इतने आरोप के बाद भी सीएम क्यों देते हैं इतनी तरजीह- सीता सोरेन 

पंकज मिश्रा पर इतने आरोप के बाद भी सीएम क्यों देते हैं इतनी तरजीह- सीता सोरेन 


द फॉलोअप टीम, रांची:

जेएमएम विधायक सीता सोरेन लगातार सरकार के कामकाज को लेकर नाराजगी जाहिर कर रही हैं। इस बार उन्होंने कहा कि एक थाना प्रभारी तक मंत्री और विधायक की बात नहीं सुन रहे हैं, तो काम कैसे चलेगा। जेएमएम विधायक सीता सोरेन ने फिर अपनी ही सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। रांची में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए जामा विधायक सीता सोरेन ने राज्य में भ्रष्टाचार के चरम पर होने की बात कहते हुए अपनी ही सरकार के कामकाज की आलोचना की।

पंकज मिश्रा क्यों हैं इतने खास
उन्होंने राज्य में अफसरशाही चरम पर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार में मंत्री, विधायक की बात नहीं सुनी जाती, उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन को कहा है। इसके बाबजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। सरकार के दो वर्ष में डेढ वर्ष कोरोना में बीत गया और अब जनता सरकार से अपेक्षा रखती है कि चुनाव के वक्त जो जनता से वादा किया गया था उसे सरकार पूरा करेगी, मगर ये नहीं हो पा रहा है। पार्टी की महाधिवेशन और संविधान संशोधन कमिटी में पंकज मिश्रा को जगह देने पर नाराजगी जताते हुए सीता सोरेन ने कहा कि पंकज मिश्रा पर इतने आरोप लगने के बावजूद क्या बात है कि वो आज भी बने हुए हैं। यह समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम लगातार सरकार पर दवाब बना रहे हैं और जहां भी कमियां दिखती हैं हम पूरे ईमानदारी के साथ सरकार और मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने की कोशिश करते हैं।


रद्द हो जेपीएससी परीक्षा 
सातवीं से 1वीं सिविल सेवा परीक्षा पीटी रिजल्ट में हुई गड़बड़ी के विरोध में आंदोलनरत छात्रों का समर्थन करते हुए सीता सोरेन ने कहा कि छात्रों के करियर को ध्यान में रखते हुए इस परीक्षा को रद्द करना चाहिए। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन पर हैं और उनकी मांगों को सरकार को सुनना चाहिए, उन्होंने कहा कि जांच भी निष्पक्ष रुप से नहीं हो पाता है। ऐसे में इस परीक्षा को रद्द करना ही उचित होगा।