जामताड़ा
जामताड़ा थाने से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला नजारा सामने आया है, जो आजकल पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां हाजत (लॉकअप) के मुख्य गेट के ग्रिल से एक बेजुबान बंदर को बंधा हुआ देखा गया। पहली नजर में ऐसा लगा मानो पुलिस ने किसी इंसान के साथ-साथ एक बंदर को भी हिरासत में ले लिया हो।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पुलिस ने किसी मामले में पूछताछ के लिए एक स्थानीय व्यक्ति को हिरासत में लिया और थाने लेकर आई। मालिक के पीछे-पीछे उसका पालतू बंदर भी थाने पहुंच गया। जब पुलिस ने व्यक्ति को पूछताछ के लिए अंदर बिठाया, तो उसके मालिक ने ही अपने इस वफादार साथी को हाजत के गेट के बाहर ग्रिल से बांध दिया। बड़ा सवाल: एक तरफ जहां यह वफादारी सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रही है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वन विभाग को क्यों नहीं दी सूचना?
थाना परिसर में इस तरह वन्यजीव को बांधकर रखने को लेकर अब कानूनी सवाल उठने लगे हैं। कायदे से, यदि किसी हिरासत में लिए गए व्यक्ति के पास कोई प्रतिबंधित वन्यजीव या बंदर था, तो पुलिस की यह पहली जिम्मेदारी (प्रथम दृष्टया) बनती थी कि वे तुरंत इसकी सूचना संबंधित वन विभाग को देते और बंदर को उनके सुपुर्द करते। कानूनन बंदर को इस तरह कैद में रखना सही नहीं है, लेकिन फिलहाल यह नजारा चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है।