द फॉलोअप टीम, दिल्ली:
इंग्लैंड के फुटबॉल फैन्स के लिए रविवार रात कभी ना भूलने वाली रात बन गयी। लंदन में यूरो कप 2020 के फाइनल मैच में इटली ने इंग्लैंड को 1-1 की बराबरी कर पेनल्टी शूट आउट में 3-2 से हरा कर 1968 के बाद यूरो कप का खिताब अपने नाम किया। लगभग एक महीने तक चले इस टूर्नामेंट में दोनों ही टीमें जर्मनी, फ्रांस,और स्पेन जैसे विश्व विजेता रह चुकी टीमों को हरा कर फाइनल में पहुंची और दोनों के बीच एक कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इंग्लिश टीम अपने घरेलू दर्शकों के सामने 55 साल का सूखा खत्म करने के इरादे से उतरी थी जिसे इटली की टीम ने और लंबा कर दिया। इटली ने फाइनल में जीत के साथ ही अपना विजय रथ भी जारी रखा है और यह टीम की लगातार 34वीं जीत रही। इससे पहले इटली ने साल 1968 में यूरो कप जीता था।
शुरुआत इंग्लैंड के लिए शानदार रही
फाइनल मुकाबले की शुरुआत इंग्लैंड के लिए शानदार रही और ल्यूक शॉ ने मैच के दूसरे ही मिनट में गोल दागकर टीम को 1-0 की बढत दिला दी। पहले हाफ में इंग्लिश टीम के डिफेंस ने अच्छा खेल दिखाया और इटली के हर प्रयास को नाकाम किया। मैच के दूसरे हाफ में लियोनार्डो बोनुची ने 67वें मिनट में गोल करके इटली की मैच में वापसी कराई और स्कोर को 1-1 से बराबर किया। इसके बाद दोनों टीमों की तरफ से कोई भी गोल नहीं हुआ और 30 मिनट के एक्स्ट्रा टाइम में भी इटली और इंग्लैंड में से कोई भी टीम एक दूसरे के डिफेंस को न भेद सकी।
इतिहास में दूसरा ऐसा मौका
यह यूरो कप के इतिहास में दूसरा ऐसा मौका था, जब फाइनल मैच का नतीज़ा पेनाल्टी शूट आउट से निकला हो। इटली की तरफ से डोमानिको बेरार्डी, फेडरिको और लियोनार्डो बोनुची ने गोल दागा, जबकि इंग्लैंड की ओर से हैरी केन, हैरी मैगुओर ने गोल किया। हालांकि, मार्कस रैशफोर्ड, बुकायो साका और जेडन सांचो बॉल को गोल पोस्ट में पहुंचाने में नाकाम रहे और इसके साथ ही इंग्लैंड टीम का सपना भी चकनाचूर हो गया।