द फॉलोअप डेस्क, रांची:
छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर INDIA गठबंधन के घटक दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्र हितों, परीक्षा से जुड़े मामलों और आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर अपनी मांगें रखीं। मुलाकात के बाद झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि छात्रों और अराजक तत्वों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा या अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जरूरी है।

आंदोलन से संबंधित वीडियो फुटेज भी सौंपे
विनोद पांडेय ने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जाए और जिनकी भूमिका कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में सामने आती है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को आंदोलन से संबंधित वीडियो फुटेज भी सौंपे और निर्दोष छात्रों को परेशान नहीं करने की मांग की। आरोप लगाया कि भाजपा के विभिन्न विंग द्वारा छात्र आंदोलन को राजनीतिक रूप देने और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों के वास्तविक सवालों का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन किसी भी आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाकर सरकार और राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग- कांग्रेस
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा कि अराजक तत्वों के खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सीआईडी जांच में तेजी लाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने CGL समेत परीक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शी और निर्णायक कार्रवाई की मांग भी रखी। नेताओं ने कहा कि जांच एजेंसियां पहले से सक्रिय हैं और आरोपियों से पूछताछ व गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने सरकार से कार्रवाई में तेजी लाने की अपील की, ताकि छात्रों का भरोसा कायम रहे।