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झारखंड सरकार लेगी करोड़ो का कर्ज, चुकायेगा केन्द्र

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द फॉलोअप टीम, रांची 
जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि कर्ज के रूप में लेने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। इसको लेकर जीएसटी काऊंसिल और केन्द्र सरकार को पत्र लिख दिया गया है। वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल जीएसटी क्षतिपूर्ति का भुगतान करने में असमर्थता व्यक्त करते हुए राज्य सरकारों के समक्ष दो विकल्प रखे गये थे।
 
क्या है केन्द्र का दो ऑफर
पहले ऑफर में केंद्र सरकार आरबीआई के माध्यम से राज्य सरकारों को जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि कर्ज के रूप में उपलब्ध कराएगी और इसका मूलधन और सूद का वहन जीएसटी काऊंसिल खुद करेगी। डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि झारखंड में विकास कार्यां को गति देने के लिए यह राशि की आवश्यकता है, इसलिए झारखंड सरकार ने भी इस विकल्प को स्वीकार करते हुए कर्ज लेने पर सहमति प्रदान कर दी है। इस बाबत जीएसटी काऊंसिल और केन्द्र सरकार को पत्र लिख दिया गया है। केन्द्र ने दूसरे विकल्प में यह कहा था कि जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि आरबीआई से कर्ज लेने पर मूलधन का भुगतान केंद्र सरकार करेगी और ब्याज का भुगतान राज्य सरकार को करना होगा। इस विकल्प से झारखंड सरकार को नुकसान उठाना पड़ता, इसलिए झारखंड सरकार ने इस दूसरे विकल्प पर आपत्ति दर्ज कराई है।

अब तेजी से होगी विकास कार्य पर खर्च
डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि इस राशि के मिल जाने के बाद राज्य सरकार विकास के कार्यों पर अधिक पैसा खर्ज कर पायेगी, जिससे राज्य में विकास की गती को तेजी मिलेगा, आपको बता दें कि जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि को लेकर केन्द्र और झारखंड सरकार में जुबानी जंग तेज थी। जीएसटी एक जुलाई 2017 से लागू हुआ, कानून के तहत राज्यों को राजस्व के नुकसान के बदले में क्षतिपूर्ति का वादा केन्द्र सरकार ने किया था।