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धर्म परिवर्तन का निर्णय पड़ा भारी, ग्रामीणों ने किया सतीश टोप्पो का सामाजिक बहिष्कार

धर्म परिवर्तन का निर्णय पड़ा भारी, ग्रामीणों ने किया सतीश टोप्पो का सामाजिक बहिष्कार

द फॉलोअप टीम, लोहरदगा:

धर्म परिवर्तन करने वाले युवक सतीश टोप्पो का लोहरदगा हरमू रघु टोली के ग्रामीणों ने सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। ग्राम प्रधान भिखू पहान, उप मुखिया वार्ड सदस्य और ग्रामीणों की मौजूदगी में हरमू रघु टोली अखरा में हुई बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सतीश टोप्पो के घर की शादी और मरनी में सरना समाज के लोग शामिल नहीं होंगे। इसके परिवार को मसना में स्थान नहीं दिया जाएगा। शादी का निमंत्रण भी वापस करने का निर्णय लिया गया। इन्हें गांव के पारंपरिक सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदार नहीं बनाया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि सतीश टोप्पो ने सरना धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने का निर्णय लिया है। 

सतीश टोप्पो ने अपना लिया ईसाई धर्म
ग्रामीणों ने कहा कि पूरे समाज की सहमति के बिना सब को अंधेरे में रखकर सतीश ने धर्म परिवर्तन करने का काम किया है इसलिए उसे आदिवासी समाज से बाहर किया गया है। लोगों को इसके द्वारा धर्म परिवर्तन करने का पता तब चला जब उसने अपनी शादी का कार्ड निमंत्रण के तौर पर दिया।
ग्रामीणों का दावा है कि सतीश ने प्रलोभन से प्रभावित होकर अपना धर्म बदला है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पहले भी एक व्यक्ति ने धर्मांतरण किया था जिसका सामाजिक बहिष्कार किया गया। धर्मांतरण का काम काफी सोची-समझी तरीके से और तेजी से हो रहा है जो समाज के लिए चिंता का विषय है।

सरना आदिवासी समाज से बहिष्कृत किए गए
सतीश टोप्पो ने कहा कि उसने ना किसी के दबाव में न प्रलोभन में धर्म परिवर्तन किया है बल्कि अपनी इच्छा से उसने अपना धर्म बदला है।
बैठक में हरमू पंचायत की उप मुखिया सोनामनी टोप्पो, सामाजिक कार्यकर्ता उमेश उरांव, सुखलाल भगत, मुकेश उरांव, फुल कुमारी किस्पोट्टा, नीरज टोप्पो,वीरेंद्र भगत जागेश्वर कुजूर, रामप्यारी, मनीषा, सरिता,मनीता, गीता सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।