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BCCI के पास अंपायर्स की किल्लत, बढ़ानी पड़ रही है उम्र सीमा

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द फॉलोअप टीम, डेस्कः
क्रिकेटर बनने का शौक और सपना हर किसी का होता है। वहीं बात अंपायर बनने की चाह रखने वाले गिने-चुने लोग ही हैं। 140 करोड़ की आबादी वाले इस देश में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के पास महज 150 अंपायर हैं और क्रिकेटर लगभग हर एक घर में। गौरतलब है कि बीसीसीआइ को नए अंपायर नहीं मिल पा रहे। इस कमी को पूरा करने के लिए उसे अपने पुराने व अनुभवी अंपायरों की उम्र सीमा बढ़ानी पड़ रही है। 

अंपायरों की उम्र सीमा 5 वर्ष बढाया गया 
रिपोर्ट के मुताबित पिछले साल ही उम्र सीमा 55 से बढ़ाकर 60 की गई थी और अब उसे बढ़ाकर 65 करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही कोच समेत अन्य स्टाफ की उम्र सीमा भी 65 करने के बारे में सोचा जा रहा है। शुक्रवार को कोलकाता में हुई बीसीसीआइ की एपेक्स कमेटी की बैठक में इसपर गंभीरता से विचार किया गया है।

बीसीसीआइ पैनल में अंपायरों की उम्र 
सूत्रों ने बताया कि बीसीसीआइ पैनल के करीब 16 अंपायरों की वर्तमान उम्र 55 से 60 के बीच है। अब 65 वर्ष तक उम्र सीमा करके उन्हें मैदान में उतारा जाएगा। इस बात पर पैनल में शामिल 52 साल के प्रेमदीप चटर्जी ने कहा-'बीसीसीआइ अगर अंपायरों की उम्र सीमा और बढ़ाता है तो यह स्वागत योग्य कदम होगा। अगर कोई व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से फिट है तो 65 साल की उम्र में भी उसके लिए अंपायरिंग करना मुश्किल नहीं है। उम्र तो महज एक नंबर है।' 

आखिर क्यों हैं अंपायरों की इतनी किल्लत 
चटर्जी ने कहा-'क्रिकेटर बनने के लिए प्रशिक्षण केंद्रों की कमी नहीं है जबकि अंपायरिंग के गुण सिखाने वाले गिने-चुने ही प्रशिक्षण केंद्र हैं, वे भी कुछ रिटायर्ड अंपायरों द्वारा चलाए जाते हैं। अंपायर बनने के प्रति युवाओं में उत्साह भी कम है। वर्तमान में बीसीसीआइ के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चार अंपायर अनिल चौधरी, वीरेंदर शर्मा, शमशुद्दीन और अनंत पद्मानभान हैं। वहीं भारत से आइसीसी एलिट पैनल में सिर्फ नितिन मेनन हैं।'