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संविदाकर्मियों के सवाल पर चुप रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

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द फॉलोअप टीम, रांची 
26 जनवरी को जब देश की राजधानी दिल्ली में किसान ट्रेक्टर रैली निकाल रहे थे तभी झारखण्ड की राजधानी रांची में भी संविदाकर्मी आन्दोलनरत थे।किसानों की तरह इन संविदाकर्मियों का आंदोलन भी पिछले कई दिनों से चल रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडोतोलन के बाद जब एक निजी टीवी चैनल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इन संविदाकर्मियों की मांग से जुड़े सवाल पूछे तो सीएम हेमंत सोरेन ने किसानों के आंदोलन पर तो अपनी बातें रखी लेकिन झारखण्ड के संविदाकर्मी के सवाल पर चुप रहे। 

क्या बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज गणतंत्र दिवस है और आज का दिन तो काफी उत्साहवर्धक दिन है लेकिन अफ़सोस यह है कि देश के किसान सड़क पर हैं। इसके बाद टीवी चैनल के रिपोर्टर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि इस हिसाब से तो संविदाकर्मी भी सड़क पर हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जवाब देते हुए कहा कि संविदाकर्मी ये सब तो चलते रहता है लेकिन अन्नदाता और संविदाकर्मी में बहुत अंतर होता है।
2021 का वर्ष नियुक्तियों का होगा टीवी चैनल के इसी 5 मिनट के इंटरव्यू में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमने पहले ही कहा है कि 2021 का वर्ष नियुक्ति का वर्ष होगा। इस वर्ष बहुत वैकेंसी आने वाली है।

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14वें वित् आयोग के कर्मियों को बिरसा चौक पर चल रहा है आंदोलन 
आपको बता दें कि 14 वें वित्त आयोग के तहत नियुक्त करीब 2000 कर्मी पिछले कई दिनों से रांची के बिरसा चौक पर धरना दिए हुए हैं. इस दौरान कई बार मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए जाने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन इन्हे बिरसा चौक पर ही रोक दिया जाता है इस दौरान इनपर लाठीचार्ज भी किया गया। 

पंचायत सचिव परीक्षा के अभ्यर्थियों का भी चल रहा आंदोलन 
उधर नामकुम JSSC कार्यालय के बाहर पंचायत सचिव परीक्षा के अभ्यर्थियों का भी आंदोलन चल रहा है।  ये अभ्यर्थी भी पिछले कई दिनों से JSSC कार्यालय के बाहर धरना पर बैठे हैं।  अभ्यर्थियों का कहना है कि झारखण्ड हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी मेरिट लिस्ट जारी नहीं हो रहा है।