द फॉलोअप टीम, रांची : ऑटोनोमस छोटानागपुर डायसिस और चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (सीएनआई चर्च) के बीच उठे विवाद के समाधान को लेकर आधिकारिक रूप से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कलीसिया के विभाजनकारी विवाद को समाप्त करने के लिए जल्द ही सीएनआई सिनोड के पूर्व मॉडरेटर और वर्तमान पटना डायसिस के बिशप पीपी मरांडी रांची दौरे में आएंगे।
बिशप मरांडी 8-9 अक्टूबर को रांची में रहेंगे
दौरे के दौरान वे दोनों पक्षों के बीच शांति समझौता कराने का प्रयास करेंगे। इसी क्रम में बिशप मरांडी ऑटोनोमस डायसिस के बिशप बीबी बास्के सहित सहित कलीसिया के पुरोहितों से भी मुलाकात करेंगे। साथ ही कलीसिया और मसीही आचरण के हित में एकता, मेल मिलाप, प्रेम-शांति और सौहार्द के साथ मंडली के बीच सेवकाई सुचारू रूप से हो, इस दिशा में बात करेंगे। बिशप मरांडी आठ और नौ अक्टूबर को रांची में रहेंगे। बिशप मरांडी के शांति समझौते को लेकर रांची आगमन की पुष्टि भी छोटानागपुर डायसिस की तदर्थ कार्यकारिणी महासभा के सचिव सुभाष नाग ने भी की है।
पुरोहितों पर पड़ा है आर्थिक-मानसिक दबाव
बताया गया कि जानकारी दी गई कि विगत जून माह से ऑटोनोमस व सीएनआई विवाद के कारण मंडली के बीच संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऑटोनोमस घोषणा जैसी स्थिति में मंडली के लोगों, प्रचारकों, पुरोहितों, धर्म सेवकों, पेरिश काउंसलरों के बीच मतभेद की स्थिति भी उत्पन्न हुई है। जिसके कारण सेवकाई कार्य करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा विवाद के कारण पुरोहितों को आर्थिक और परिवारिक-मानसिक स्थिति का भी सामना करना पड़ रहा है। पादरियों का पीएफ, एलआईसी, वेतन सहित अन्य चीजें लंबित हो गया है।
प्रो. अग्रवाल पर लगी रोक वापस ली गई
इसी मुद्दे को लेकर सीएनआई सिनोड, नई दिल्ली के मॉडरेटर द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद के समाधान की पहल की गई है। इसके अलावा मॉडरेटर ने डायसिस में फैक्ट फाइडिंग कमेटी को भेजने और प्रोफेसर जयंत अग्रवाल को डायसिस के सभी पदों से हटाये जाने के निर्णय पर लगी रोक को भी वापस ले लिया है। इसके बाद से जयंत अग्रवाल डायसिस के किसी भी पद में नही है और न ही किसी पद में उनकी भविष्य में वापसी होगी।